CG-RERA की वॉलंटरी कॉम्प्लायंस स्कीम से रियल एस्टेट डेवलपर्स को सितंबर तक 90% छूट, पारदर्शिता और कानूनी सुरक्षा का अवसर मिलेगा।
रायपुर । छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट रेग्युलेटरी अथॉरिटी (CG-RERA) ने रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ाने के लिए वॉलंटरी कॉम्प्लायंस स्कीम (Voluntary Compliance Scheme) की घोषणा की है। यह योजना सितंबर 2025 तक प्रभावी रहेगी और इसमें रियल एस्टेट डेवलपर्स को बकाया शुल्क और पेनल्टी पर 90 प्रतिशत तक की छूट का लाभ मिलेगा।
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स्कीम का उद्देश्य
वॉलंटरी कॉम्प्लायंस स्कीम का मुख्य उद्देश्य रियल एस्टेट डेवलपर्स को RERA के तहत जरूरी पंजीकरण और कानूनी अनुपालन करने में मदद करना है। स्कीम के तहत वे डेवलपर्स जो अभी तक पंजीकरण या अन्य कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा नहीं कर पाए हैं, अपनी परियोजनाओं को वैध रूप से नियमित कर सकते हैं।
CG-RERA ने कहा कि इस स्कीम से न केवल डेवलपर्स को लाभ मिलेगा, बल्कि खरीदारों का विश्वास भी मजबूत होगा। खरीदार यह सुनिश्चित कर पाएंगे कि वे वैध और मान्यता प्राप्त परियोजनाओं में निवेश कर रहे हैं।
स्कीम के प्रमुख लाभ
- 90% तक की छूट: बकाया रजिस्ट्रेशन शुल्क और पेनल्टी पर 90 प्रतिशत तक की छूट।
- सीमित अवधि: यह स्कीम केवल सितंबर 2025 तक ही वैध है।
- सरल और ऑनलाइन प्रक्रिया: पंजीकरण, दस्तावेज़ अपलोड और भुगतान पूरी तरह ऑनलाइन।
- कानूनी सुरक्षा: स्कीम के तहत परियोजना को वैध बनाने पर कानूनी सुरक्षा सुनिश्चित।
- खरीदारों का भरोसा: निवेशक सुनिश्चित कर पाएंगे कि उनकी परियोजनाएँ RERA नियमों के अनुसार हैं।
आवेदन प्रक्रिया
- CG-RERA की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ।
- अपने प्रोजेक्ट का विवरण और बकाया शुल्क भरें।
- आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करें।
- ऑनलाइन भुगतान करें और आवेदन जमा करें।
- RERA द्वारा पुष्टि होने पर परियोजना वैध रूप से नियमित मानी जाएगी।
विशेषज्ञों की राय
रियल एस्टेट विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्कीम सेक्टर में पारदर्शिता बढ़ाने और निवेशकों का भरोसा मजबूत करने में मददगार साबित होगी। छोटे और मध्यम डेवलपर्स अब अपने प्रोजेक्ट्स को समय पर वैध कर पाएंगे और कानूनी विवाद कम होंगे।
विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि स्कीम का दीर्घकालिक प्रभाव रियल एस्टेट निवेश में वृद्धि और कानूनी विवादों में कमी के रूप में दिखाई देगा।
सरकार और RERA का दृष्टिकोण
सरकार और CG-RERA ने कहा है कि वॉलंटरी कॉम्प्लायंस स्कीम का उद्देश्य रियल एस्टेट सेक्टर को संगठित और पारदर्शी बनाना है। CG-RERA प्रमुख ने बताया कि इस पहल से डेवलपर्स और खरीदार दोनों को लाभ होगा।
RERA ने यह भी चेतावनी दी है कि स्कीम का उद्देश्य केवल कानूनी अनुपालन को बढ़ावा देना है और इसका दुरुपयोग नहीं किया जाना चाहिए।
संभावित प्रभाव
- विकास की गति: वैध परियोजनाओं की संख्या बढ़ने से रियल एस्टेट सेक्टर में विकास की गति तेज होगी।
- निवेशकों का भरोसा: खरीदार सुरक्षित और कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त परियोजनाओं में निवेश कर सकेंगे।
- कानूनी विवाद कम होंगे: बकाया शुल्क और पेनल्टी पर छूट से छोटे विवाद भी सुलझेंगे।
निष्कर्ष
CG-RERA की वॉलंटरी कॉम्प्लायंस स्कीम रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता और निवेशक सुरक्षा को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। सितंबर 2025 तक 90% तक की छूट के साथ यह योजना डेवलपर्स और खरीदारों दोनों के लिए राहत और सुरक्षा का माध्यम साबित होगी।








