रायपुर। छत्तीसगढ़ में आयोजित सुशासन तिहार के दौरान राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने अधिकारियों को जनसमस्याओं के निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने की सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि आम जनता की समस्याओं का समय पर समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें ढिलाई करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
राजस्व मंत्री ने सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में अधिकारियों की बैठक लेते हुए कहा कि शासन की योजनाओं और सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता की शिकायतों को गंभीरता से सुनना और उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें। सुशासन तिहार का उद्देश्य ही प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित कर समस्याओं का मौके पर समाधान करना है।
बैठक के दौरान मंत्री ने विभिन्न विभागों से प्राप्त आवेदनों और शिकायतों की समीक्षा की। उन्होंने लंबित मामलों पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जिन प्रकरणों का निराकरण समय पर नहीं हो रहा है, उनमें तेजी लाई जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और तय समयसीमा के भीतर समाधान सुनिश्चित किया जाए।
राजस्व मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि सरकार पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन के लिए प्रतिबद्ध है। यदि किसी अधिकारी द्वारा जनता की समस्याओं को अनदेखा किया गया या लापरवाही बरती गई, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अधिकारी संवेदनशीलता के साथ जनता की समस्याएं सुनें और सकारात्मक व्यवहार अपनाएं।
शिविर में पहुंचे लोगों ने अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए, जिनमें भूमि विवाद, नामांतरण, राशन कार्ड, पेंशन, बिजली, पेयजल और आवास योजनाओं से जुड़े मामले शामिल थे। कई मामलों का मौके पर ही निराकरण किया गया, जबकि अन्य मामलों को जल्द निपटाने के निर्देश दिए गए।
मंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि सरकारी योजनाओं की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाई जाए, ताकि पात्र हितग्राही योजनाओं का लाभ ले सकें। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि लोगों को सरकारी सेवाएं सरल और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध हों।
स्थानीय लोगों ने मंत्री की सख्ती और प्रशासनिक सक्रियता की सराहना की। नागरिकों का कहना है कि इस तरह के शिविरों से आम लोगों की समस्याओं का समाधान तेजी से हो रहा है और प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ रहा है।
सुशासन तिहार के माध्यम से राज्य सरकार प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक जवाबदेह और जनहितैषी बनाने का प्रयास कर रही है। राजस्व मंत्री का यह सख्त संदेश अधिकारियों के लिए स्पष्ट संकेत माना जा रहा है कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।








