आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर ने छात्रवृत्ति स्वीकृति प्रक्रिया को समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। विभाग ने पारदर्शी, त्वरित और छात्र हितकारी कार्रवाई पर जोर दिया।
रायपुर। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर ने राज्य के सभी ज़िलों में छात्रवृत्ति योजना की स्वीकृति प्रक्रिया को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। विभागीय समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि छात्रवृत्ति योजनाएँ लाखों छात्रों की शैक्षणिक प्रगति से जुड़ी होती हैं, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में विभागीय अधिकारी, जिला समन्वयक तथा विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
डॉ. मित्तर ने बताया कि छात्रवृत्ति न केवल आर्थिक सहायता है, बल्कि यह वंचित, दिव्यांग, अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़े वर्गों के छात्रों को शिक्षा जारी रखने का मजबूत आधार भी प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि समय पर छात्रवृत्ति स्वीकृत होने से छात्र बिना किसी आर्थिक बाधा के अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं।
आयुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आवेदन सत्यापन, दस्तावेज जांच और स्वीकृति की पूरी प्रक्रिया समय पर पूरी की जाए। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में लंबित आवेदन अधिक हैं, वहां विशेष अभियान चलाकर इसे तेजी से निपटाया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि छात्रवृत्ति पोर्टल की तकनीकी बाधाओं को तत्काल सुलझाया जाए ताकि छात्रों को किसी भी तरह की परेशानी न हो।
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि कई बार छात्रों के बैंक विवरण, आधार लिंकिंग या दस्तावेज़ अपलोड में त्रुटियों के कारण आवेदन अटक जाते हैं। इसके लिए अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे कॉलेजों और स्कूलों के साथ मिलकर छात्रों को उचित मार्गदर्शन उपलब्ध कराएं और त्रुटियों को शीघ्र सुधारें।
डॉ. मित्तर ने कहा कि विभाग का उद्देश्य है कि हर पात्र छात्र को बिना देरी के लाभ मिल सके।
आयुक्त ने यह भी कहा कि विभाग समय-समय पर मॉनिटरिंग करेगा और जिन जिलों में कार्य धीमा होगा, वहां जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता और त्वरित सेवा विभाग की प्राथमिकता है और सभी अधिकारी छात्र हितों को सर्वोपरि रखते हुए काम करें।
बैठक में विभिन्न जिलों के प्रतिनिधियों ने अपनी-अपनी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। कई जिलों ने बताया कि उन्होंने लक्ष्य का अधिकांश हिस्सा पूरा कर लिया है और शेष आवेदनों पर तेजी से काम चल रहा है।
आयुक्त ने इन जिलों की सराहना की और अन्य जिलों को भी इसी गति से काम करने के लिए प्रेरित किया।
बैठक में छात्रवृत्ति योजनाओं के विस्तार, जागरूकता कार्यक्रमों और नई तकनीकी सुविधाओं को शामिल करने पर भी विचार किया गया। अधिकारियों ने बताया कि कॉलेजों में जागरूकता कैंप लगाए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक पात्र छात्र आवेदन कर सकें।
कार्यक्रम के अंत में आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर ने सभी जिला अधिकारियों से कहा कि वे छात्रवृत्ति वितरण को मिशन मोड में पूरा करें। उन्होंने कहा कि समय पर मिलने वाली छात्रवृत्ति न सिर्फ छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करती है, बल्कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूत बनाती है।








