छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव 1 से 5 नवंबर तक, मुख्यमंच और शिल्पग्राम मंच पर होंगे भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोक कलाकार दिखाएंगे राज्य की विविध परंपराएं।
रायपुर । राजधानी रायपुर इस बार राज्य स्थापना दिवस के साथ-साथ छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव (25वां स्थापना वर्ष) का गवाह बनने जा रही है।
1 से 5 नवंबर तक आयोजित होने वाले इस भव्य उत्सव में राज्य की लोक संस्कृति, कला, नृत्य, और संगीत का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।
मुख्यमंच और शिल्पग्राम मंच पर देशभर के कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से
छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को नए अंदाज में प्रस्तुत करेंगे।
रजत वर्ष का उत्सव : छत्तीसगढ़ की गौरवशाली यात्रा
साल 2000 में गठित छत्तीसगढ़ अब 25 वर्ष पूरे करने जा रहा है।
इस अवसर पर राज्य सरकार ने “छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव” को विशेष रूप से मनाने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के नेतृत्व में
राज्य स्थापना सप्ताह को संस्कृति, परंपरा और विकास का प्रतीक उत्सव बनाया जा रहा है।
राजधानी रायपुर के सायंस कॉलेज मैदान में भव्य मंच तैयार किए गए हैं,
जहां हर शाम लोक संस्कृति की रंगीन झलकियां देखने को मिलेंगी।
मुख्यमंच और शिल्पग्राम में होंगे सांस्कृतिक आयोजन
इस बार उत्सव में दो प्रमुख मंच होंगे —
मुख्यमंच (Main Stage) और शिल्पग्राम मंच,
जहां प्रतिदिन अलग-अलग थीम पर आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
मुख्यमंच पर राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय कलाकारों की प्रस्तुतियां होंगी,
जबकि शिल्पग्राम मंच पर स्थानीय लोक कलाकारों, नृत्य दलों और पारंपरिक वाद्य कलाकारों का प्रदर्शन होगा।
संस्कृति विभाग के अधिकारी ने बताया,
“रजत महोत्सव के तहत छत्तीसगढ़ के हर अंचल की झलक मंच पर देखने को मिलेगी — चाहे वह बस्तर की गोंडी संस्कृति हो या सरगुजा का पंथी नृत्य।”
राज्य के कोने-कोने से आएंगे कलाकार
कार्यक्रम में राज्य के 33 जिलों से करीब 1200 कलाकार भाग लेंगे।
इनमें जनजातीय नृत्य दल, लोक वाद्य समूह, नाट्य कलाकार, और लोकगीत गायक शामिल हैं।
मुख्यमंच पर प्रस्तुत होंगे —
- पंथी नृत्य (दुर्ग)
- राऊत नाचा (बालोद)
- सुआ नृत्य (कोरबा)
- देव नाचा (बस्तर)
- करमा नृत्य (सरगुजा)
- डांडिया फ्यूजन (रायपुर)
- लोकगीत एवं छत्तीसगढ़ी संगीत रात्रि
इनके अलावा अन्य राज्यों के कलाकार भी विशेष प्रस्तुति देंगे,
जिससे यह उत्सव राष्ट्रीय सांस्कृतिक समागम का रूप लेगा।
लोक संस्कृति से लेकर आधुनिक फ्यूजन तक
छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव केवल पारंपरिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहेगा।
इसमें आधुनिकता और परंपरा का सुंदर मिश्रण देखने को मिलेगा।
कार्यक्रम की एक शाम “युवा संस्कृति – नया छत्तीसगढ़” थीम पर समर्पित होगी,
जहां कॉलेज के युवा कलाकार आधुनिक छत्तीसगढ़ी गीतों और रॉक-फोक फ्यूजन परफॉर्मेंस देंगे।
इसके अलावा “नारी शक्ति संध्या” के अंतर्गत महिला कलाकारों द्वारा
सशक्तिकरण और परंपरा पर आधारित नृत्य प्रस्तुतियां दी जाएंगी।
शिल्पग्राम में प्रदर्शित होंगे हस्तशिल्प और लोक उत्पाद
शिल्पग्राम क्षेत्र में राज्य के विभिन्न जिलों के
हस्तशिल्प, बांस उत्पाद, लौह शिल्प, मिट्टी कला और वन उत्पादों की प्रदर्शनियाँ लगाई जाएंगी।
इसके अलावा छत्तीसगढ़ी व्यंजन जैसे फरा, चीला, देहरोरी, और तिलकुट
भी आगंतुकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेंगे।
स्थानीय शिल्पकार रामलाल नेताम ने कहा,
“ऐसे आयोजन हमें अपने हुनर को दिखाने और ग्राहकों से सीधा जुड़ने का मौका देते हैं।”
विशेष आकर्षण : 5 नवंबर को समापन समारोह
5 नवंबर को रजत महोत्सव के समापन समारोह में
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि होंगे।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के प्रख्यात कलाकारों और सांस्कृतिक दलों को सम्मानित किया जाएगा।
साथ ही “छत्तीसगढ़ गौरव सम्मान” की घोषणा भी इसी दिन की जाएगी।
राज्य की संस्कृति को मिलेगा नया आयाम
संस्कृति विभाग के अनुसार,
“छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव केवल उत्सव नहीं, बल्कि यह
राज्य की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत (Intangible Cultural Heritage) को संरक्षित करने की पहल है।”
इस महोत्सव के माध्यम से
नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और लोक परंपराओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रशासन की तैयारियां पूरी, सुरक्षा व यातायात के विशेष इंतज़ाम
रायपुर जिला प्रशासन ने महोत्सव के सफल आयोजन के लिए
सुरक्षा, यातायात और पार्किंग की पूरी व्यवस्था की है।
पुलिस, नगर निगम और स्वयंसेवी संस्थाएं
भीड़ प्रबंधन और स्वच्छता सुनिश्चित करने में जुटी हैं।
कार्यक्रम स्थल पर LED स्क्रीन, लाइव प्रसारण, और फूड कोर्ट की व्यवस्था की गई है।
रायपुरवासी तैयार, उत्सव का इंतज़ार
रायपुरवासी इस आयोजन को लेकर बेहद उत्साहित हैं।
शहर के स्कूल-कॉलेजों में भी सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं की शुरुआत हो चुकी है।
सड़कों, इमारतों और सरकारी भवनों को
रजत वर्ष के लोगो और रंग-बिरंगे प्रकाश से सजाया जा रहा है।
“हर साल राज्योत्सव देखते हैं, लेकिन इस बार 25वां साल है, तो जश्न कुछ अलग ही होगा।”
— रेशमा यादव, रायपुर निवासी
संस्कृति और विकास का संगम
छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव राज्य की उस यात्रा का प्रतीक है
जो 25 वर्षों में सांस्कृतिक गर्व, विकास और आत्मनिर्भरता की मिसाल बन चुकी है।
यह उत्सव केवल मंचीय प्रस्तुतियों का नहीं,
बल्कि उस भावना का उत्सव है —
जिसने छत्तीसगढ़ को “गढ़ा हुआ भारत का हृदय प्रदेश” बनाया है।
समापन : छत्तीसगढ़ की माटी से झलकेगा उत्सव का रंग
1 से 5 नवंबर तक राजधानी रायपुर में जब ढोल, मृदंग और मांदर की थाप बजेगी,
तब पूरा शहर छत्तीसगढ़ की आत्मा के रंगों में रंग जाएगा।
यह रजत महोत्सव केवल अतीत का स्मरण नहीं,
बल्कि आने वाले उज्जवल भविष्य की घोषणा है।
“छत्तीसगढ़ की संस्कृति, हमारी पहचान —
यही है रजत महोत्सव का सच्चा सम्मान।”








