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छत्तीसगढ़

रजत जयंती महोत्सव 2025 — छत्तीसगढ़ बहुत ही सुघ्घर, बढ़िया और सुव्यवस्थित राज्य है — स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव

रजत जयंती महोत्सव में शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव बोले — “छत्तीसगढ़ सुघ्घर, सुव्यवस्थित और प्रगतिशील राज्य बन चुका है, शिक्षा और विकास में रचा नया इतिहास।”

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य के रजत जयंती राज्योत्सव 2025 के अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि —

“छत्तीसगढ़ आज देश के सबसे सुघ्घर, बढ़िया और सुव्यवस्थित राज्यों में शामिल है। यह विकास, शिक्षा और सुशासन की मिसाल बन चुका है।”

राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित रजत जयंती समारोह में मंत्री यादव ने छत्तीसगढ़ की 25 वर्षों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य ने शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य, उद्योग और अधोसंरचना के क्षेत्र में असाधारण प्रगति की है।


🎉 रजत जयंती महोत्सव बना गौरव का प्रतीक

छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के 25 वर्ष पूरे होने पर पूरे प्रदेश में उत्सव और गर्व का माहौल है।
साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित राज्योत्सव में लाखों की संख्या में नागरिकों, छात्रों, कलाकारों और प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया।
मंत्री श्री यादव ने कहा —

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“छत्तीसगढ़ ने जो प्रगति की है, वह हमारे नेतृत्व, योजनाओं और जनता की सहभागिता का परिणाम है। राज्य ने हर क्षेत्र में अपनी सुघ्घर पहचान बनाई है।”

उन्होंने कहा कि यह अवसर आत्ममंथन के साथ-साथ नए संकल्प का भी है। राज्य की 25 वर्षों की यात्रा केवल विकास की नहीं, बल्कि जनविश्वास और लोकसंस्कृति के पुनर्जागरण की यात्रा है।


📚 शिक्षा में नया आयाम — “हर बच्चे तक ज्ञान”

मंत्री यादव ने बताया कि राज्य सरकार का प्रमुख लक्ष्य शिक्षा को समाज के हर वर्ग तक पहुँचाना है।
उन्होंने कहा —

“हमारा प्रयास है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। आज छत्तीसगढ़ के स्कूलों में डिजिटल लर्निंग, स्मार्ट क्लास और नई शिक्षा नीति के अनुरूप शिक्षा दी जा रही है।”

राज्य में ‘नवा बिहान’, ‘पढ़ई तुंहर दुआर’ जैसी योजनाओं ने शिक्षा को जनांदोलन का रूप दिया है।
उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ शिक्षा के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनेगा।


🛣️ विकास की मजबूत बुनियाद — गांव से शहर तक सड़कें और सुविधाएँ

मंत्री यादव ने राज्य की इंफ्रास्ट्रक्चर विकास यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि —

“जब छत्तीसगढ़ बना था, तब कई गांव सड़क और बिजली से दूर थे, लेकिन आज हर घर तक सड़क और रोशनी पहुँच चुकी है।”

राज्य में सड़कों, पुलों, औद्योगिक क्षेत्रों और ग्रामीण संपर्क मार्गों का जाल बिछाया गया है।
ग्रामीण अंचलों में रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएँ सुलभ कराकर सरकार ने ‘समावेशी विकास’ का मॉडल प्रस्तुत किया है।


🌾 कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिला बल

मंत्री श्री यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान केवल खनिज और उद्योगों से नहीं, बल्कि इसकी कृषि आधारित अर्थव्यवस्था से भी है।
धान उत्पादन में आत्मनिर्भरता, किसानों के लिए ‘धान बोनस योजना’, ‘गोधन न्याय योजना’ जैसी योजनाओं ने ग्रामीण अंचलों में समृद्धि लाई है।
उन्होंने कहा —

“हमारा लक्ष्य है कि हर किसान खुशहाल हो और हर खेत हरा-भरा।”


🎭 संस्कृति और परंपरा का गौरव

राज्योत्सव के अवसर पर मंत्री यादव ने छत्तीसगढ़ की संस्कृति, लोककला और पारंपरिक नृत्यों की सराहना की।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान इसकी लोकसंस्कृति में बसती है।
पंथी, राऊत नाचा, करमा और सुवा जैसे नृत्य आज भी हमारे समाज को एकता और आनंद के सूत्र में बांधते हैं।

उन्होंने कहा —

“यह महोत्सव केवल उत्सव नहीं, बल्कि हमारी जड़ों और हमारी मिट्टी से जुड़ने का अवसर है।”


🏛️ सुशासन और पारदर्शिता — छत्तीसगढ़ मॉडल की सफलता

मंत्री श्री यादव ने कहा कि राज्य सरकार की सुशासन नीति ने हर नागरिक के जीवन में बदलाव लाया है।
प्रशासन में पारदर्शिता, योजनाओं का त्वरित क्रियान्वयन और जनसुनवाई जैसी व्यवस्थाओं से जनता का भरोसा बढ़ा है।
उन्होंने कहा —

“सरकार जनता के लिए काम कर रही है, और जनता सरकार के साथ कदम से कदम मिला रही है। यही लोकतंत्र की असली ताकत है।”


🌍 स्वच्छ, हरित और डिजिटल छत्तीसगढ़ की दिशा में कदम

उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य अब ग्रीन एनर्जी, डिजिटल सर्विसेज और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।
राज्य के नगरों में कचरा प्रबंधन, हरित पार्क और सोलर प्रोजेक्ट्स लागू किए गए हैं।
साथ ही ग्रामीण स्तर पर डिजिटल सेवाओं और ई-गवर्नेंस के माध्यम से प्रशासनिक कार्यों को सरल बनाया जा रहा है।


🕊️ मंत्री यादव का संदेश — “विकास का सफर जारी रहेगा”

कार्यक्रम के अंत में श्री गजेन्द्र यादव ने कहा —

“छत्तीसगढ़ आज जिस ऊंचाई पर है, वह हमारे नागरिकों के परिश्रम और एकता का परिणाम है। आने वाले वर्षों में हम शिक्षा, विकास और समृद्धि की नई कहानियाँ लिखेंगे।”

उन्होंने उपस्थित जनसमूह को राज्योत्सव की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह रजत जयंती वर्ष केवल जश्न नहीं, बल्कि नए स्वर्णिम भविष्य की शुरुआत है।


✨ निष्कर्ष

छत्तीसगढ़ की 25 वर्षों की यह यात्रा यह प्रमाणित करती है कि राज्य ने सीमित संसाधनों के बावजूद आत्मविश्वास और जनसहभागिता से अद्भुत प्रगति की है।
रजत जयंती महोत्सव इस बात का प्रतीक है कि छत्तीसगढ़ सुघ्घर, सुंदर और सुव्यवस्थित राज्य बन चुका है — जैसा कि मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने कहा, “अब छत्तीसगढ़ विकास का आदर्श बन चुका है।”



Heshma lahre
लेखक: Heshma lahre

Heshma lahre is a dedicated journalist at Dabang Awaz, known for her comprehensive coverage across all news categories, delivering accurate and timely reports with integrity.