मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कौशल-एकीकृत औद्योगिक विकास को नई गति मिल रही है, जिससे निवेश और रोजगार दोनों बढ़ेंगे।
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में कौशल-एकीकृत औद्योगिक विकास को नई गति मिल रही है। राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि उद्योगों के विस्तार के साथ-साथ स्थानीय युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं। इससे न केवल औद्योगिक विकास होगा, बल्कि प्रदेश के युवाओं को अपने ही राज्य में बेहतर भविष्य मिलेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय राजधानी रायपुर में आयोजित एक औद्योगिक एवं कौशल विकास से जुड़े कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अब उद्योग केवल उत्पादन के केंद्र नहीं रह गए हैं, बल्कि वे रोजगार सृजन और मानव संसाधन विकास के भी महत्वपूर्ण माध्यम बन चुके हैं। इसी सोच के तहत छत्तीसगढ़ में कौशल विकास को औद्योगिक नीति के साथ जोड़ा गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में नई औद्योगिक नीतियों के माध्यम से निवेश को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके साथ ही उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप युवाओं को प्रशिक्षण देने के लिए आईटीआई, पॉलिटेक्निक, कौशल विकास केंद्र और विशेष प्रशिक्षण संस्थानों को सशक्त किया जा रहा है। इससे उद्योगों को कुशल मानव संसाधन मिलेगा और युवाओं को रोजगार।
उन्होंने कहा कि खनिज, स्टील, पावर, सीमेंट और कृषि आधारित उद्योगों के साथ-साथ अब आईटी, फूड प्रोसेसिंग और स्टार्टअप सेक्टर में भी तेजी से निवेश बढ़ रहा है। इन क्षेत्रों में कौशल-प्रशिक्षित युवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है, जिसे ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रमों को उद्योगों से जोड़ा जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ के युवा केवल नौकरी तलाशने वाले न बनें, बल्कि उद्योग और उद्यम के माध्यम से रोजगार देने वाले बनें। इसके लिए स्वरोजगार, स्टार्टअप और एमएसएमई सेक्टर को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि औद्योगिक विकास के साथ सामाजिक संतुलन बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है। स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देकर रोजगार देना और कौशल उन्नयन के माध्यम से उन्हें सक्षम बनाना समावेशी विकास की दिशा में बड़ा कदम है।
कार्यक्रम में अधिकारियों ने बताया कि कौशल-एकीकृत औद्योगिक विकास मॉडल से राज्य में निवेश का माहौल बेहतर हुआ है और रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। उद्योग और प्रशिक्षण संस्थानों के बीच समन्वय से यह मॉडल प्रभावी साबित हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास और कौशल प्रशिक्षण का यह समन्वय राज्य को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सरकार इस दिशा में निरंतर और ठोस प्रयास करती रहेगी।








