मेडिकल कॉलेज में अत्याधुनिक घुटना और कूल्हा प्रत्यारोपण सर्जरी शुरू, मरीजों को स्थानीय स्तर पर उन्नत उपचार और किफायती स्वास्थ्य सुविधा का लाभ मिलेगा।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के एक प्रमुख मेडिकल कॉलेज में अब अत्याधुनिक घुटना (नी रिप्लेसमेंट) और कूल्हा (हिप रिप्लेसमेंट) प्रत्यारोपण सर्जरी की सुविधा शुरू कर दी गई है। इस नई व्यवस्था से प्रदेश के मरीजों को बड़े शहरों में जाने की जरूरत कम होगी और उन्हें स्थानीय स्तर पर ही उन्नत चिकित्सा सेवाएं मिल सकेंगी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम के सहयोग से यह सुविधा शुरू की गई है।
अधिकारियों ने बताया कि घुटना और कूल्हा प्रत्यारोपण सर्जरी उन मरीजों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है, जो गठिया, दुर्घटना या उम्र संबंधी समस्याओं के कारण चलने-फिरने में कठिनाई का सामना करते हैं। नई सुविधा के माध्यम से ऐसे मरीजों को बेहतर और सुरक्षित उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। मेडिकल कॉलेज में ऑपरेशन थिएटर को आधुनिक उपकरणों से लैस किया गया है, जिससे सर्जरी की गुणवत्ता और सफलता दर बढ़ने की उम्मीद है।
विशेषज्ञ डॉक्टरों के अनुसार, अत्याधुनिक तकनीकों के उपयोग से सर्जरी के बाद मरीजों की रिकवरी तेज होती है और दर्द कम होता है। मरीजों को ऑपरेशन से पहले विस्तृत जांच और परामर्श दिया जा रहा है, ताकि उनकी स्थिति के अनुसार उपचार की योजना बनाई जा सके। साथ ही, फिजियोथेरेपी और पुनर्वास सेवाओं को भी मजबूत किया गया है, जिससे मरीज जल्द सामान्य जीवन में लौट सकें।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इस सुविधा से आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को विशेष लाभ मिलेगा, क्योंकि उन्हें निजी अस्पतालों में महंगे इलाज के बजाय सरकारी संस्थान में सर्जरी का विकल्प मिलेगा। कई मरीजों और उनके परिजनों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि अब उन्हें इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने बताया कि डॉक्टरों और स्टाफ को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि नई तकनीकों का प्रभावी उपयोग किया जा सके। भविष्य में और भी उन्नत सर्जिकल सुविधाएं शुरू करने की योजना बनाई जा रही है, जिससे प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी मेडिकल कॉलेजों में उन्नत सर्जरी सुविधाएं उपलब्ध होने से स्वास्थ्य व्यवस्था अधिक सुलभ और किफायती बनती है। इससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों को भी आधुनिक चिकित्सा सेवाओं का लाभ मिल पाता है। यह पहल प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
अधिकारियों ने बताया कि मरीजों को सर्जरी के बाद नियमित जांच और फॉलो-अप की सुविधा भी दी जाएगी। इसके साथ ही लोगों को हड्डी और जोड़ों से संबंधित रोगों की रोकथाम और स्वस्थ जीवनशैली के बारे में जागरूक किया जा रहा है।
मेडिकल कॉलेज में अत्याधुनिक घुटना और कूल्हा प्रत्यारोपण सर्जरी की शुरुआत प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र में नई उपलब्धि मानी जा रही है। इससे मरीजों को बेहतर इलाज, कम खर्च और स्थानीय स्तर पर उन्नत चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी।








