अरुण साव ने कहा कि प्रतिभा, पारदर्शिता और अवसर से मजबूत खेल व्यवस्था बनेगी, जिससे भारत ओलंपिक में बेहतर प्रदर्शन कर वैश्विक खेल शक्ति बनेगा।
रायपुर। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा है कि प्रतिभा, पारदर्शिता और समान अवसर ही भारत को वैश्विक खेल शक्ति बनाने की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण आधार हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यदि देश को ओलंपिक जैसे अंतरराष्ट्रीय खेल मंचों पर स्थायी सफलता हासिल करनी है, तो मजबूत और व्यवस्थित खेल ढांचे का निर्माण अनिवार्य है।
श्री साव ने रायपुर में आयोजित एक खेल कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारत में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, लेकिन उन्हें सही दिशा, संसाधन और अवसर प्रदान करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में भी कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी मौजूद हैं, जिन्हें खोजकर प्रशिक्षित करने की आवश्यकता है।
उन्होंने खेल व्यवस्था में पारदर्शिता की अहमियत पर भी प्रकाश डाला। श्री साव ने कहा कि चयन प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी होगी, तभी खिलाड़ियों का विश्वास बढ़ेगा और वे पूरी निष्ठा के साथ अपने प्रदर्शन पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार खेल नीतियों को अधिक प्रभावी और खिलाड़ियों के अनुकूल बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों के विकास के लिए आधारभूत संरचना का सुदृढ़ होना भी आवश्यक है। उन्होंने आधुनिक खेल सुविधाओं, प्रशिक्षित कोचिंग स्टाफ और वैज्ञानिक प्रशिक्षण पद्धतियों की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने यह भी कहा कि खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारी के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
श्री साव ने यह भी उल्लेख किया कि ओलंपिक में सफलता केवल व्यक्तिगत प्रयासों से नहीं, बल्कि एक संगठित और मजबूत खेल प्रणाली से ही संभव है। इसके लिए सरकार, खेल संघों और समाज के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।
अंत में उन्होंने कहा कि यदि इन तीन स्तंभों—प्रतिभा, पारदर्शिता और अवसर—पर ध्यान केंद्रित किया जाए, तो भारत निश्चित रूप से वैश्विक खेल मंच पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा सकेगा और भविष्य में अधिक पदक जीतने का सपना साकार होगा।








