सुकमा जिला प्रशासन की ‘सक्षम’ पहल से युवाओं और जरूरतमंदों को कौशल, रोजगार और आत्मनिर्भरता के नए अवसर मिले।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में जिला प्रशासन द्वारा शुरू की गई ‘सक्षम’ पहल ने सकारात्मक परिणाम देना शुरू कर दिया है। इस अभिनव प्रयास से जिले के युवाओं, महिलाओं और जरूरतमंद वर्गों को कौशल विकास, रोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में नए अवसर मिल रहे हैं। प्रशासन की यह पहल क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक परिदृश्य में बदलाव का कारण बन रही है।
सुकमा जिला लंबे समय से भौगोलिक कठिनाइयों और सीमित अवसरों के लिए जाना जाता रहा है। ऐसे में ‘सक्षम’ पहल का उद्देश्य स्थानीय युवाओं को उनकी रुचि और क्षमता के अनुरूप प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। इसके तहत विभिन्न कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
जिला प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार, ‘सक्षम’ पहल के अंतर्गत सिलाई, कंप्यूटर प्रशिक्षण, इलेक्ट्रिकल, प्लंबिंग, कृषि आधारित गतिविधियां, हस्तशिल्प और अन्य रोजगारपरक प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं। प्रशिक्षण के बाद प्रतिभागियों को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
युवाओं का कहना है कि इस पहल से उन्हें अपने ही जिले में सीखने और आगे बढ़ने का अवसर मिला है। पहले रोजगार के लिए बाहर जाना पड़ता था, लेकिन अब स्थानीय स्तर पर ही प्रशिक्षण और काम के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं।
महिलाओं की भागीदारी भी ‘सक्षम’ पहल में उल्लेखनीय रही है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं प्रशिक्षण लेकर आय अर्जित कर रही हैं। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि परिवार और समाज में उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है।
जिला प्रशासन ने प्रशिक्षण के साथ-साथ मार्गदर्शन और काउंसलिंग पर भी ध्यान दिया है। युवाओं को करियर विकल्पों, सरकारी योजनाओं और उद्यमिता से जुड़ी जानकारी दी जा रही है। इससे वे अपने भविष्य के लिए बेहतर निर्णय ले पा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ‘सक्षम’ जैसी पहलें दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। स्थानीय जरूरतों के अनुरूप योजनाएं बनाकर यदि उन्हें प्रभावी ढंग से लागू किया जाए, तो बड़े स्तर पर सामाजिक परिवर्तन संभव है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि ‘सक्षम’ पहल के परिणामों को देखते हुए इसे और विस्तार देने की योजना है। आने वाले समय में अधिक प्रशिक्षण केंद्र और नई गतिविधियां जोड़ी जाएंगी, ताकि अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सकें।
सुकमा जिले के निवासियों ने इस पहल के लिए जिला प्रशासन की सराहना की है। उनका कहना है कि यह केवल एक योजना नहीं, बल्कि उनके भविष्य को बेहतर बनाने का माध्यम बन रही है।
कुल मिलाकर, सुकमा जिला प्रशासन की ‘सक्षम’ पहल ने यह साबित कर दिया है कि सही सोच, प्रभावी योजना और जमीनी क्रियान्वयन से दूरस्थ क्षेत्रों में भी विकास और आत्मनिर्भरता का मार्ग प्रशस्त किया जा सकता है। यह पहल अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन रही है।








