सुकमा प्रशासन ने पीएम आवास योजना को गति देने के लिए अक्टूबर तक 100 आवास पूर्ण करने का लक्ष्य तय किया, छूटे हितग्राहियों का विशेष सर्वे भी होगा।
सुकमा । प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के क्रियान्वयन को गति देने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के निर्देशानुसार, जिला पंचायत सीईओ मुकुंद ठाकुर ने सोमवार को पंचायत स्तरीय बैठक आयोजित कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में स्पष्ट किया गया कि जिले में सभी स्वीकृत आवासों को 30 अक्टूबर तक पूर्ण किया जाए। इसके साथ ही छूटे हुए हितग्राहियों का सर्वेक्षण कर नए आवास स्वीकृत करने की प्रक्रिया भी तेज की जाएगी।
सभी पात्र परिवारों को मिलेगा आवास
सीईओ मुकुंद ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र परिवार बेघर न रहे। इसके लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में लंबित और अधूरे आवासों की सूची तैयार की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जमीनी स्तर पर नियमित निरीक्षण करें और निर्माण कार्य में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें।
100 आवास पूर्ण करने का लक्ष्य
बैठक में तय किया गया कि जिले में कम से कम 100 आवास अक्टूबर अंत तक पूर्ण किए जाएं। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए ग्राम पंचायतों को जिम्मेदारी दी गई है।
प्रशासन का मानना है कि यदि निर्धारित समय सीमा में आवास तैयार हो जाते हैं तो अन्य लंबित कार्यों को भी गति मिलेगी।
छूटे हुए हितग्राहियों का सर्वे
कलेक्टर के निर्देशानुसार, उन परिवारों की पहचान करने के लिए विशेष सर्वेक्षण किया जाएगा जिन्हें अब तक आवास का लाभ नहीं मिला है।
- ग्राम पंचायत स्तर पर सर्वे दल बनाए जाएंगे।
- पात्रता जांच कर नए हितग्राहियों की सूची तैयार की जाएगी।
- सूची को ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड कर शीघ्र स्वीकृति की कार्रवाई होगी।
गुणवत्तापूर्ण निर्माण पर जोर
सीईओ ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना केवल छत देने की योजना नहीं है, बल्कि यह पारिवारिक गरिमा और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा कार्यक्रम है। इसलिए निर्माण कार्य में गुणवत्ता पर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
उन्होंने पंचायत सचिवों और इंजीनियरों को निर्देश दिया कि कार्य की निगरानी और तकनीकी परीक्षण नियमित रूप से करें।
ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी
बैठक में यह भी तय किया गया कि ग्राम पंचायत स्तर पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
- प्रत्येक पंचायत सचिव को कार्य प्रगति की रिपोर्ट हर सप्ताह प्रस्तुत करनी होगी।
- सरपंच और सचिव मिलकर हितग्राहियों को समय पर राशि उपलब्ध कराएंगे।
- अपूर्ण आवासों के मामले में कारणों की पहचान कर त्वरित समाधान निकाला जाएगा।
हितग्राहियों से संवाद
सीईओ ने कहा कि लाभार्थियों से सीधा संवाद स्थापित करना आवश्यक है। इसके लिए ग्राम स्तरीय बैठकें आयोजित की जाएंगी, जहां उन्हें योजना के नियम और समयसीमा की जानकारी दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि लाभार्थियों की समस्याओं को प्राथमिकता पर दूर किया जाए ताकि वे बिना किसी बाधा के अपना मकान पूरा कर सकें।
प्रशासन की सख्ती
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की वजह से आवास योजना के क्रियान्वयन में देरी होती है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने स्वयं कहा है कि यह योजना केंद्र सरकार की प्राथमिकता में है और जिले में इसे मिशन मोड में लागू किया जाएगा।
निष्कर्ष
सुकमा जिला प्रशासन ने प्रधानमंत्री आवास योजना को गति देने के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार कर ली है। अक्टूबर अंत तक 100 आवास पूर्ण करने का लक्ष्य और छूटे हुए हितग्राहियों का सर्वे प्रशासन की गंभीरता को दर्शाता है। यदि यह प्रयास सफल रहे तो जिले के अधिकतर परिवारों को स्थायी आवास की सुविधा समय पर मिल सकेगी।








