LIVE बुधवार, 13 मई 2026
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छत्तीसगढ़

रायपुर से दिल्ली तक गूंजा छत्तीसगढ़ का रंग: देश की राजधानी में लोक संस्कृति का भव्य प्रदर्शन

दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति का भव्य प्रदर्शन हुआ। कलाकारों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया और राज्य की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत किया।

रायपुर। देश की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय सांस्कृतिक कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति ने अपनी अनोखी पहचान और गरिमा के साथ शानदार उपस्थिति दर्ज कराई। राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे कलाकारों ने पारंपरिक नृत्यों, गीतों, वाद्ययंत्रों, वेशभूषा और लोककला के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध विरासत को बड़े मंच पर प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में भारी संख्या में दर्शक उपस्थित रहे, जिनमें केंद्रीय मंत्री, सांसद, सांस्कृतिक विशेषज्ञ और देशभर के प्रशंसक शामिल थे।

छत्तीसगढ़ की संस्कृति ने मन मोह लिया

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के कलाकारों ने जिन प्रस्तुतियों ने सबसे अधिक वाहवाही बटोरी, उनमें—

  • पंथी नृत्य
  • राउत नाचा
  • सूफी-कबीर गायन शैली
  • बस्तर की घोटुल संस्कृति आधारित नृत्य
  • पारंपरिक ढोल, मांदर और तुरही की धुन
    शामिल रहे।
    इन नृत्यों की ताल, ऊर्जावान लय और रंग-बिरंगी पारंपरिक पोशाकों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कलाकारों ने बतौर संदेश भी दिया कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि एक सामाजिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक धरोहर है जो पीढ़ियों से आगे बढ़ती आ रही है।

राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ का गौरव

इस भव्य आयोजन का उद्देश्य भारत की विविधता में एकता की थीम को मजबूत करना था। छत्तीसगढ़ की टीम ने इसी अवधारणा को मंच पर उकेरते हुए अपनी संस्कृति के प्रत्येक आयाम को जीवंत किया—

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  • लोकगीतों में गांव की खुशहाली, परंपरा और आस्था
  • नृत्यों में सामूहिकता और उत्सव की भावना
  • वाद्ययंत्रों में प्रकृति से जुड़ाव

केंद्रीय अतिथियों ने भी छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत की प्रशंसा करते हुए कहा कि राज्य भारत के सांस्कृतिक मानचित्र में बेहद महत्वपूर्ण स्थान रखता है।

दर्शकों ने दी खड़े होकर तालियां

कार्यक्रम के दौरान दिल्ली और आसपास के हजारों दर्शकों ने प्रस्तुतियों का आनंद लिया। कई जगहों पर कलाकारों को स्टैंडिंग ओवेशन मिलते देखा गया।
सोशल मीडिया पर भी छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक झलकियों के वीडियो वायरल होते रहे, जिससे लोगों में राज्य के लोकनृत्यों और परंपराओं के प्रति गहरी रुचि दिखाई दी।

युवा कलाकारों को बड़ी पहचान

कार्यक्रम में शामिल कलाकारों में बड़ी संख्या युवाओं की थी। उनके प्रदर्शन ने साबित किया कि छत्तीसगढ़ की नई पीढ़ी भी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ी हुई है और राष्ट्रीय मंचों पर अपनी पहचान मजबूत कर रही है।
कई युवा कलाकारों को इस आयोजन के माध्यम से—

  • भविष्य के सांस्कृतिक कार्यक्रमों
  • राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं
  • टीवी शो
  • और कला मंचों
    पर प्रस्तुतियों के अवसर मिल सकते हैं।

छत्तीसगढ़ पर्यटन और कला को बड़ा लाभ

विशेषज्ञों का मानना है कि इस कार्यक्रम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूती मिलती है।
यह राज्य के—

  • पर्यटन
  • कला
  • हस्तशिल्प
  • जनजातीय संस्कृति
    को प्रोत्साहित कर सकता है।
    दिल्ली जैसे शहर में इतने बड़े मंच पर प्रस्तुति से छत्तीसगढ़ के पारंपरिक हस्तशिल्प, वेशभूषा, आभूषण और जनजातीय कला को भी नए बाजार मिल सकते हैं।

सांस्कृतिक प्रतिनिधिमंडल में प्रमुख कलाकारों की भागीदारी

छत्तीसगढ़ से गए दल में वरिष्ठ लोक कलाकारों के साथ बस्तर, सरगुजा, कवर्धा, जांजगीर, धमतरी और रायपुर के कलाकार शामिल थे।
कार्यक्रम संयोजकों ने बताया कि इस वर्ष छत्तीसगढ़ को विशेष महत्व दिया गया था क्योंकि राज्य की जनजातीय, लोक और आध्यात्मिक परंपराएं राष्ट्रीय स्तर पर दर्शकों को निरंतर आकर्षित करती रही हैं।

कला और संस्कृति को बढ़ावा देने पर जोर

राज्य सरकार और सांस्कृतिक विभाग द्वारा समर्थित इस कार्यक्रम का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के कलाकारों को राष्ट्रीय स्तर पर मंच प्रदान करना और पारंपरिक कला-विरासत को संरक्षित करना है।
अधिकारियों का कहना है कि ऐसी पहलें न केवल कलाकारों को पहचान दिलाती हैं बल्कि युवाओं में भी कला के प्रति रुचि बढ़ाती हैं।

राष्ट्रीय पहचान की ओर मजबूत कदम

दिल्ली में हुए इस कार्यक्रम ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति देश की अस्मिता का अभिन्न हिस्सा है।
चाहे नृत्य हो, संगीत हो या परंपरागत रीति-रिवाज—इन सभी में एक अनोखी ऊर्जा और सामाजिक एकता का संदेश समाहित है।

कार्यक्रम के बाद दिल्ली और अन्य राज्यों के दर्शकों ने छत्तीसगढ़ का अनुभव करने की इच्छा व्यक्त की, जिससे पर्यटन और सांस्कृतिक यात्राओं में वृद्धि की संभावना बढ़ गई है।


Heshma lahre
लेखक: Heshma lahre

Heshma lahre is a dedicated journalist at Dabang Awaz, known for her comprehensive coverage across all news categories, delivering accurate and timely reports with integrity.