रायपुर के कृषि महाविद्यालय में पीएम मोदी के ‘मन की बात’ के 128वें संस्करण का भव्य प्रसारण हुआ, जिसमें छात्रों और प्राध्यापकों ने सामूहिक रूप से प्रेरक संदेश सुने।
रायपुर। राजधानी रायपुर स्थित कृषि महाविद्यालय में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 128वें संस्करण का भव्य और सफल प्रसारण किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में छात्र, प्राध्यापक, शोधार्थी एवं गैर–शैक्षणिक कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने सामूहिक रूप से प्रधानमंत्री का संदेश सुना और कार्यक्रम में उठाए गए विचारों पर चर्चा की।
कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय के सभागार में हुई, जहाँ उत्साहपूर्ण माहौल में छात्र-छात्राएँ एकत्र हुए। मंच पर महाविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रधानमंत्री के इस संवाद कार्यक्रम की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ‘मन की बात’ युवाओं को प्रेरित करने वाला और समाज के हित में नई सोच विकसित करने वाला महत्वपूर्ण माध्यम है।
युवाओं और किसानों के लिए प्रेरक संदेश
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में नवाचार, पर्यावरण संरक्षण, कृषि तकनीक, जनभागीदारी और सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण पर विशेष जोर दिया। कृषि क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर भी उन्होंने महत्वपूर्ण विचार साझा किए, जिन्हें उपस्थित छात्रों और प्राध्यापकों ने ध्यानपूर्वक सुना।
प्रसारण के बाद आयोजित चर्चा सत्र में प्राध्यापकों ने कहा कि प्रधानमंत्री का कृषि तकनीक, प्राकृतिक खेती और जल संरक्षण पर जोर किसानों और कृषि के विद्यार्थियों के लिए मार्गदर्शक है। छात्रों ने बताया कि ‘मन की बात’ से उन्हें नई प्रेरणा मिली है और वे भविष्य में कृषि क्षेत्र को बेहतर दिशा में ले जाने के लिए और जागरूक हुए हैं।
छात्रों में दिखा उत्साह
कृषि महाविद्यालय में ‘मन की बात’ का सामूहिक प्रसारण पहली बार इतने बड़े स्तर पर आयोजित किया गया। छात्रों ने बड़े उत्साह से कार्यक्रम में भाग लिया। कई छात्रों ने कहा कि प्रधानमंत्री के संदेश उनके जीवन और शिक्षा दोनों में नई ऊर्जा भरते हैं।
कुछ छात्रों ने कार्यक्रम के बाद अपने विचार साझा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का नवाचार पर जोर आज की युवा पीढ़ी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। कृषि क्षेत्र में नई तकनीक, स्टार्टअप और आधुनिक खेती की दिशा में काम करने के लिए यह प्रेरणा प्रदान करता है।
प्राध्यापकों ने की कार्यक्रम की प्रशंसा
महाविद्यालय के प्राध्यापकों ने कहा कि ‘मन की बात’ समाज के हर वर्ग को जोड़ने वाला कार्यक्रम है। इसमें ऐसे विषयों पर चर्चा होती है जो राष्ट्र निर्माण और सामाजिक उत्तरदायित्व को मजबूत करते हैं। उन्होंने बताया कि महाविद्यालय में इस तरह के सामूहिक प्रसारण कार्यक्रम आगे भी आयोजित किए जाएंगे।
शोधार्थियों ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा वैज्ञानिक सोच और शोध को बढ़ावा देने पर दिया गया संदेश उन्हें कृषि अनुसंधान में नई ऊँचाइयाँ हासिल करने के लिए प्रेरित करता है।
समाज और पर्यावरण से जुड़े विषयों पर जागरूकता
प्रसारण के दौरान प्रधानमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण, जल बचत, स्वच्छता और जनभागीदारी से संबंधित पहलुओं पर विशेष चर्चा की। प्राध्यापकों ने कहा कि कृषि शिक्षा में इन विषयों को शामिल करने से छात्रों में जिम्मेदारी की भावना बढ़ेगी।
महाविद्यालय प्रशासन ने बताया कि ‘एक छात्र–एक पौधा’, जल संरक्षण अभियान और जैविक खेती जैसे कार्यक्रमों को और अधिक सशक्त किया जाएगा।
भविष्य के लिए सकारात्मक दृष्टि
कार्यक्रम के समापन पर महाविद्यालय के डीन ने कहा कि ‘मन की बात’ का प्रत्येक संस्करण समाज, युवाओं और देश के लिए नई दिशा प्रदान करता है। उन्होंने छात्रों से कहा कि वे प्रधानमंत्री के संदेशों को आत्मसात करें और कृषि क्षेत्र के विकास में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएँ।
उन्होंने सभी उपस्थित लोगों का धन्यवाद किया और कहा कि इस प्रकार के आयोजन संस्थान में सकारात्मक वातावरण निर्माण करते हैं।








