LIVE गुरुवार, 14 मई 2026
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छत्तीसगढ़

बस्तर की धरती अब विकास और समृद्धि की नई कहानियाँ लिख रही है : तोखन साहू

तोखन साहू ने कहा कि बस्तर अब विकास और समृद्धि की नई कहानियाँ लिख रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और आजीविका योजनाओं से क्षेत्र तेजी से बदल रहा।

सुकमा। कभी नक्सली घटनाओं और पिछड़ेपन के लिए सुर्खियों में रहने वाला बस्तर अब विकास और समृद्धि की नई गाथा लिख रहा है। सुकमा प्रवास के दौरान प्रदेश सरकार के मंत्री तोखन साहू ने कहा कि बस्तर अब केवल संघर्ष और विषमता का प्रतीक नहीं रहा, बल्कि यहाँ की धरती तेजी से बदलते हुए विकास की मिसाल बन रही है।

विकास की नई परिभाषा

तोखन साहू ने कहा कि बस्तर क्षेत्र की पहचान अब केवल जंगल और कठिनाइयों तक सीमित नहीं है। यहाँ शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और पेयजल जैसी सुविधाएँ तेजी से पहुँच रही हैं। गाँव-गाँव में योजनाओं का क्रियान्वयन हो रहा है और लोग मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं।

नक्सल प्रभावित इलाकों में बदलाव

उन्होंने बताया कि जिन इलाकों में कभी नक्सलियों का प्रभाव था, वहाँ आज सड़कों का जाल बिछ रहा है। स्कूल और अस्पताल खुल रहे हैं। युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। सरकार की पहल से अब बस्तरवासी आत्मनिर्भरता की दिशा में बढ़ रहे हैं।

शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष जोर

साहू ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य किसी भी समाज की प्रगति की नींव हैं। बस्तर में नए स्कूल भवन, आंगनबाड़ी केंद्र और स्वास्थ्य उपकेंद्रों की स्थापना की जा रही है। आदिवासी बच्चों के लिए छात्रावास और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।

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कृषि और आजीविका में सुधार

कृषि को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और वनोपज आधारित आजीविका को बढ़ावा देने की दिशा में भी सरकार काम कर रही है। साहू ने कहा कि तेंदूपत्ता संग्रहण, लघु वनोपज प्रसंस्करण और बाजार उपलब्धता के कारण ग्रामीण परिवारों की आय में इजाफा हुआ है।

महिला सशक्तिकरण

उन्होंने यह भी बताया कि महिला स्व-सहायता समूह अब आर्थिक बदलाव के केंद्र बन रहे हैं। समूह न केवल घरेलू उद्योग चला रहे हैं, बल्कि समाज में नेतृत्व की भूमिका भी निभा रहे हैं।

युवाओं के लिए अवसर

तोखन साहू ने कहा कि बस्तर के युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और स्वरोजगार योजनाओं से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार प्रयास हो रहे हैं। इससे पलायन की समस्या भी कम हो रही है।

पर्यटन की संभावनाएँ

बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता, झरने, गुफाएँ और सांस्कृतिक धरोहरें पर्यटन के लिए अपार संभावनाएँ रखती हैं। साहू ने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने से न केवल क्षेत्र की पहचान बदल रही है, बल्कि स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिल रहा है।

सरकार की प्रतिबद्धता

अंत में उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि बस्तर की धरती विकास और समृद्धि की ऐसी मिसाल बने, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत हो।

Heshma lahre
लेखक: Heshma lahre

Heshma lahre is a dedicated journalist at Dabang Awaz, known for her comprehensive coverage across all news categories, delivering accurate and timely reports with integrity.