मंत्री श्री नेताम ने कहा ग्राम स्तर पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से विकसित भारत का लक्ष्य साकार होगा, ग्रामीण विकास और जनभागीदारी पर विशेष जोर दिया गया।
रायपुर। मंत्री श्री नेताम ने कहा है कि विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए योजनाओं का ग्राम स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन बेहद जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से अपील की कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए समन्वय और पारदर्शिता के साथ काम किया जाए।
ग्राम पंचायतों की भूमिका अहम
मंत्री श्री नेताम ने कहा कि ग्रामीण विकास की नींव ग्राम पंचायतों से शुरू होती है। पंचायत स्तर पर योजनाओं का सही क्रियान्वयन होने से शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं में तेजी से सुधार संभव है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों को सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
योजनाओं की निगरानी पर जोर
उन्होंने बताया कि शासन की विभिन्न योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग से ही बेहतर परिणाम मिल सकते हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि गांवों में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा कर समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की पहल
मंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भर गांव विकसित भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। कृषि, स्वरोजगार और महिला स्व-सहायता समूहों को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाया जा रहा है।
जनभागीदारी से मिलेगा बेहतर परिणाम
उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में स्थानीय समुदाय की सहभागिता जरूरी है। जब गांव के लोग योजनाओं से जुड़ते हैं तो उनके क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ती है।
आधारभूत सुविधाओं का विस्तार
ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, बिजली और डिजिटल सेवाओं के विस्तार पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि हर गांव तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचें और जीवन स्तर बेहतर हो।
विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में प्रयास
मंत्री श्री नेताम ने कहा कि गांवों का समग्र विकास ही विकसित भारत की मजबूत नींव है। शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों को बढ़ाकर ग्रामीण युवाओं को नई दिशा देने की दिशा में सरकार निरंतर काम कर रही है।








