LIVE बुधवार, 13 मई 2026
Advertisement Vastu Guruji
छत्तीसगढ़

राज्य सरकार जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए प्रतिबद्ध — मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने पर जोर दिया, तालाब पुनर्जीवन, वर्षा जल संचयन और सामुदायिक भागीदारी से जल संसाधन मजबूत होंगे।

रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि जल संरक्षण केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है और इसे जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने जल स्रोतों के संरक्षण, वर्षा जल संचयन और ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरचनाओं के विकास को प्रदेश की प्राथमिकताओं में शामिल बताया। मुख्यमंत्री ने नागरिकों से जल बचाने की आदत अपनाने और जल संरक्षण अभियानों में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि बदलते मौसम और बढ़ती जल आवश्यकता को देखते हुए पानी का सही उपयोग और संरक्षण बेहद जरूरी हो गया है। उन्होंने बताया कि राज्य में तालाबों के जीर्णोद्धार, चेकडैम निर्माण, जल संरचनाओं के पुनर्जीवन और ग्रामीण जल योजनाओं के माध्यम से जल स्तर सुधारने की दिशा में काम किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि हर गांव और शहर में जल संसाधनों को मजबूत बनाया जाए।

उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के लिए केवल सरकारी योजनाएं पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि लोगों की भागीदारी भी आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने स्कूलों, सामाजिक संगठनों और युवा समूहों को इस अभियान से जोड़ने पर जोर दिया। उनके अनुसार, जब समाज जागरूक होकर छोटे-छोटे प्रयास करता है, तो बड़े बदलाव संभव होते हैं।

अधिकारियों के अनुसार, राज्य में जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। इसमें वर्षा जल संचयन को प्रोत्साहन, जल स्रोतों की सफाई और भूजल स्तर बढ़ाने के उपाय शामिल हैं। कई जिलों में जल संरचनाओं का पुनर्निर्माण कर किसानों और ग्रामीणों को लाभ पहुंचाया जा रहा है, जिससे सिंचाई सुविधाओं में सुधार हुआ है।

विज्ञापन
Advertisement

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि जल संकट से निपटने के लिए पारंपरिक जल स्रोतों का संरक्षण और आधुनिक तकनीक का उपयोग दोनों जरूरी हैं। उन्होंने बताया कि गांवों में पुराने तालाबों और कुओं को पुनर्जीवित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। इससे जल उपलब्धता बढ़ने के साथ पर्यावरण संतुलन भी मजबूत होगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि जल संरक्षण अभियान से कृषि उत्पादन, पेयजल आपूर्ति और पर्यावरण संरक्षण को सीधा लाभ मिलता है। यदि समाज के हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित हो, तो जल संकट की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है। मुख्यमंत्री के इस संदेश को प्रदेश में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने वाला कदम माना जा रहा है।

कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भी जल संरक्षण को प्राथमिकता देने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि गांव स्तर पर जल समितियों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाएगा और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा दिया जाएगा। कई स्थानों पर वृक्षारोपण और जल स्रोतों की सफाई जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे जल बचत को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं और जल संरक्षण के इस अभियान को जनआंदोलन में बदलने में सहयोग करें।

राज्य सरकार की यह पहल प्रदेश में जल प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे जल संसाधनों के संरक्षण के साथ सतत विकास की दिशा में भी सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद है।



Heshma lahre
लेखक: Heshma lahre

Heshma lahre is a dedicated journalist at Dabang Awaz, known for her comprehensive coverage across all news categories, delivering accurate and timely reports with integrity.