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छत्तीसगढ़

25 वर्षों की यह यात्रा गर्व और नए संकल्प का अवसर है — राज्यपाल श्री विश्वभूषण डेका ने राज्योत्सव पर दी बधाई, गिनाईं उपलब्धियाँ और लक्ष्य


छत्तीसगढ़ के 25वें स्थापना दिवस पर राज्यपाल विश्वभूषण डेका ने प्रदेशवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा—यह यात्रा गर्व और नए संकल्पों का प्रतीक है।

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य के 25वें स्थापना दिवस के अवसर पर राज्यपाल श्री विश्वभूषण डेका ने प्रदेश की जनता को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं और राज्य की अब तक की यात्रा को “गर्व और नए संकल्पों का अवसर” बताया।
राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने इन 25 वर्षों में समानता, विकास और सुशासन के क्षेत्र में जो उपलब्धियाँ हासिल की हैं, वह पूरे देश के लिए उदाहरण हैं।


🎉 राज्योत्सव का गौरवशाली अवसर

1 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ का गठन हुआ था।
आज यह राज्य न केवल प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है, बल्कि आर्थिक, सांस्कृतिक और औद्योगिक प्रगति में भी अग्रणी बन चुका है।
राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की यह यात्रा “संघर्ष से सफलता और प्रयास से प्रगति” की कहानी है।

“यह 25 वर्ष केवल एक समयकाल नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की मेहनती जनता की इच्छाशक्ति का प्रतीक हैं।”
— राज्यपाल श्री विश्वभूषण डेका


🌾 किसानों और ग्रामीण विकास पर राज्यपाल का जोर

राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की आत्मा उसके गांवों और किसानों में बसती है।
राज्य सरकार ने बीते वर्षों में धान बोनस योजना, रूरल इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन और गोठान योजना जैसी नीतियों से किसानों को मजबूत किया है।

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उन्होंने कहा कि यह जरूरी है कि आने वाले वर्षों में राज्य कृषि में तकनीकी नवाचार, सिंचाई विस्तार और ग्रामीण उद्यमिता को प्रोत्साहित करे ताकि छत्तीसगढ़ आत्मनिर्भरता की दिशा में और आगे बढ़े।


🏙️ आधुनिक छत्तीसगढ़ की दिशा में अग्रसर

राज्यपाल डेका ने कहा कि रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और बस्तर जैसे क्षेत्र अब स्मार्ट सिटी और डिजिटल प्रशासन की दिशा में तेजी से बढ़ रहे हैं।
ई-गवर्नेंस, ऑनलाइन शिक्षा, और स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण ने राज्य को एक नई पहचान दी है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ अब केवल खनिज या धान का राज्य नहीं, बल्कि इनोवेशन, स्टार्टअप और युवा ऊर्जा का केंद्र बन रहा है।


🌱 पर्यावरण और सतत विकास की दिशा

राज्यपाल ने कहा कि विकास तभी सार्थक है जब वह प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर किया जाए।
छत्तीसगढ़ के जंगल, नदियाँ और जैव विविधता इसकी पहचान हैं।
उन्होंने हरित ऊर्जा, वन संरक्षण और जन-सहभागिता को राज्य की प्रमुख प्राथमिकता बताया।

“छत्तीसगढ़ के विकास की जड़ें उसकी मिट्टी में हैं — हमें इन्हीं जड़ों को सहेजकर आगे बढ़ना है।”
— राज्यपाल श्री विश्वभूषण डेका


🧑‍🎓 शिक्षा और युवा शक्ति पर बल

राज्यपाल ने कहा कि आने वाले दशक में शिक्षा और कौशल विकास राज्य की प्रगति के मुख्य स्तंभ होंगे।
उन्होंने विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों में रोजगारपरक शिक्षा, संविधान मूल्य आधारित अध्ययन, और संस्कृति के समावेश पर जोर दिया।

उन्होंने युवाओं से कहा —

“आप छत्तीसगढ़ के भविष्य के निर्माता हैं।
आपकी ऊर्जा, निष्ठा और नवाचार से ही राज्य नई ऊंचाइयों को छू सकता है।”


⚙️ औद्योगिक और रोजगार क्षेत्र में नई संभावनाएँ

राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने औद्योगिक निवेश के क्षेत्र में राष्ट्रीय पहचान बनाई है।
स्टील, पावर, एल्युमिनियम, सीमेंट, और आईटी सेक्टर में तेज विकास के साथ अब राज्य ग्रीन इंडस्ट्रीज और ई-व्हीकल उत्पादन पर भी फोकस कर रहा है।

उन्होंने कहा कि उद्योगों का विस्तार तभी सार्थक होगा जब उसके साथ स्थानीय रोजगार, पर्यावरण संरक्षण, और महिला सशक्तिकरण भी जुड़े।


💠 आदिवासी समाज की गौरवशाली भूमिका

राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ का आदिवासी समाज राज्य की सांस्कृतिक पहचान और धरोहर का केंद्र है।
उन्होंने आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और पारंपरिक कला के संरक्षण को राज्य की प्राथमिकता बताया।

उन्होंने कहा —

“आदिवासी समाज ने हमें सिखाया है कि प्रकृति से प्रेम और श्रम से जीवन बनता है।
हमें इस परंपरा को आगे बढ़ाना है।”


🕊️ शासन और जनता के बीच विश्वास

राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन की जड़ें गहरी हैं।
सरकार की पारदर्शी नीतियों और जनसहभागिता ने राज्य को “लोगों के लिए सरकार” का आदर्श बनाया है।

उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में राज्य को डिजिटल प्रशासन, त्वरित न्याय प्रणाली, और भ्रष्टाचार-मुक्त व्यवस्था की दिशा में और आगे बढ़ना चाहिए।


🌺 राज्यपाल का संकल्प संदेश

राज्यपाल श्री विश्वभूषण डेका ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे अगले 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ को समृद्ध, शिक्षित, स्वच्छ और आत्मनिर्भर राज्य बनाने में योगदान दें।

“राज्य की यह रजत जयंती यात्रा केवल जश्न का पल नहीं, बल्कि आत्ममंथन और नए संकल्प का समय है।
अब हमें विकास को जनसरोकार से जोड़ना है।”

उन्होंने इस अवसर पर उन सभी नागरिकों, समाजसेवियों, वैज्ञानिकों, शिक्षकों, किसानों और युवाओं का अभिनंदन किया जिन्होंने पिछले 25 वर्षों में राज्य को नई दिशा दी।


✨ निष्कर्ष

राज्यपाल श्री डेका का संदेश स्पष्ट और प्रेरणादायक था —
छत्तीसगढ़ की 25 वर्षों की यह यात्रा न केवल उपलब्धियों की कहानी है, बल्कि आने वाले 25 वर्षों के लिए दिशा तय करने का अवसर भी है।

राज्य ने अपनी मेहनत, संस्कृति और जनसहयोग से जो पहचान बनाई है, वह अब पूरे भारत में “हरित, समृद्ध और प्रगतिशील राज्य” के रूप में उभर रहा है।

राज्यपाल का यह संदेश केवल भाषण नहीं, बल्कि एक दृष्टि है —
जहां गर्व के साथ संकल्प जुड़ा है, और विकास के साथ संवेदना भी।

Heshma lahre
लेखक: Heshma lahre

Heshma lahre is a dedicated journalist at Dabang Awaz, known for her comprehensive coverage across all news categories, delivering accurate and timely reports with integrity.