रायपुर। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका से पर्यटन मंत्री श्री अग्रवाल ने राजभवन में सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान प्रदेश में पर्यटन विकास, सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन संभावनाओं से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। मुलाकात को राज्य में पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, पर्यटन मंत्री श्री अग्रवाल ने राज्यपाल को प्रदेश में संचालित पर्यटन परियोजनाओं और आगामी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में प्राकृतिक सौंदर्य, ऐतिहासिक धरोहर, धार्मिक स्थल और जनजातीय संस्कृति पर्यटन की दृष्टि से बेहद समृद्ध हैं। सरकार इन स्थलों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
राज्यपाल श्री रमेन डेका ने प्रदेश की पर्यटन संभावनाओं की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में पर्यटन विकास की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटन क्षेत्र के विकास से स्थानीय रोजगार, व्यापार और सांस्कृतिक पहचान को मजबूती मिलती है। साथ ही इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी लाभ होता है।
बैठक के दौरान धार्मिक पर्यटन, इको-टूरिज्म और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई। पर्यटन मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अधोसंरचना विकास, सड़क संपर्क और पर्यटन स्थलों के सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान दे रही है।
उन्होंने कहा कि बस्तर, सरगुजा और अन्य वनांचल क्षेत्रों में प्राकृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाएं तैयार की जा रही हैं। साथ ही स्थानीय कला, संस्कृति और हस्तशिल्प को पर्यटन से जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
राज्यपाल ने पर्यटन विभाग की योजनाओं की सराहना करते हुए कहा कि पर्यटन केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पहचान और आर्थिक विकास का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण पर भी जोर दिया।
मुलाकात के दौरान प्रदेश में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और प्रचार-प्रसार को लेकर भी विचार-विमर्श हुआ। पर्यटन मंत्री ने राज्यपाल को आगामी पर्यटन आयोजनों और कार्यक्रमों की जानकारी भी दी।
राजभवन में हुई यह मुलाकात सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। दोनों नेताओं ने प्रदेश में पर्यटन विकास को नई दिशा देने और पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए मिलकर प्रयास करने की आवश्यकता पर बल दिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पर्यटन क्षेत्र को योजनाबद्ध तरीके से विकसित किया जाए, तो छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख पर्यटन राज्यों में अपनी पहचान बना सकता है। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार और व्यवसाय के नए अवसर भी प्राप्त होंगे।








