मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से भारतीय वन सेवा 2024 बैच के प्रशिक्षु अधिकारियों की मुलाकात, वन संरक्षण, पर्यावरण और सतत विकास पर हुई चर्चा।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से आज राजधानी रायपुर में भारतीय वन सेवा (आईएफएस) 2024 बैच के प्रशिक्षु अधिकारियों ने शिष्टाचार भेंट की। यह मुलाकात मुख्यमंत्री निवास में सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई, जहां राज्य के वन संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और सतत विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रशिक्षु अधिकारियों का स्वागत करते हुए कहा कि भारतीय वन सेवा देश की सबसे महत्वपूर्ण सेवाओं में से एक है। उन्होंने कहा कि वन न केवल प्राकृतिक संपदा हैं, बल्कि आदिवासी संस्कृति, जैव विविधता और पर्यावरणीय संतुलन के आधार भी हैं। छत्तीसगढ़ जैसे वन बहुल राज्य में आईएफएस अधिकारियों की भूमिका और अधिक जिम्मेदार हो जाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का बड़ा भू-भाग वन क्षेत्र से आच्छादित है और यहां की आजीविका, जल स्रोत, वन्यजीव संरक्षण और जलवायु संतुलन सीधे वनों से जुड़े हैं। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ संवेदनशीलता और जन-सहभागिता के भाव से कार्य करें।
मुलाकात के दौरान प्रशिक्षु अधिकारियों ने अपने प्रशिक्षण अनुभव, फील्ड विजिट और वनों से जुड़े अध्ययन के बारे में जानकारी साझा की। उन्होंने वन प्रबंधन, वन्यजीव संरक्षण, मानव-वन्यजीव संघर्ष, जलवायु परिवर्तन और सामुदायिक सहभागिता जैसे विषयों पर अपने विचार रखे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक तकनीक जैसे जीआईएस, ड्रोन सर्वे और डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम का उपयोग कर वन संरक्षण को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों को नवाचार, पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ सेवा करने का संदेश दिया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वनों के संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में सुधार करना भी सरकार की प्राथमिकता है। वन आधारित रोजगार, लघु वनोपज और इको-टूरिज्म जैसे क्षेत्रों में अपार संभावनाएं हैं, जिनमें आईएफएस अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
बैठक सौहार्दपूर्ण संवाद और प्रेरणादायक वातावरण में संपन्न हुई। अंत में प्रशिक्षु अधिकारियों ने मुख्यमंत्री का मार्गदर्शन और समय देने के लिए आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी सेवा भावना ही राज्य और देश के पर्यावरण भविष्य को सुरक्षित करेगी।








