छत्तीसगढ़ में जनजातीय गौरव दिवस सभी जिलों में मनाया जाएगा। प्रधानमंत्री का संबोधन प्रसारित होगा और मुख्यमंत्री साय जगदलपुर कार्यक्रम में शामिल होंगे। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारी पूर्ण।
छत्तीसगढ़ में इस वर्ष जनजातीय गौरव दिवस बड़े पैमाने पर मनाया जाएगा। राज्य सरकार ने सभी जिलों में कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश जारी कर दिए हैं, जिसके तहत जनजातीय संस्कृति, परंपरा, बलिदान और योगदान का सम्मान पूरे सम्मान और गरिमा के साथ किया जाएगा।
जनजातीय गौरव दिवस 15 नवंबर को महान आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर पूरे देश में मनाया जाता है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का संबोधन सभी जिलों में लाइव प्रसारित किया जाएगा। साथ ही मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के संदेश का वाचन भी सभी जिलों के समारोहों में होगा।
मुख्यमंत्री स्वयं जगदलपुर में आयोजित राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम में शामिल होंगे, जहां बड़े पैमाने पर जनजातीय समाज की भागीदारी सुनिश्चित की गई है।
🌿 सभी जिलों में होंगे विशेष कार्यक्रम
राज्य सरकार ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि—
- जनजातीय समाज के योगदान पर आधारित सभाएँ आयोजित की जाएँ,
- भगवान बिरसा मुंडा और अन्य वीर योद्धाओं के चित्रों पर माल्यार्पण हो,
- सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ आयोजित हों,
- जनजातीय युवाओं और पारंपरिक कलाकारों को मंच मिले,
- और जनजातीय विकास योजनाओं की जानकारी दी जाए।
इसके साथ ही विद्यालयों, महाविद्यालयों, आश्रम-छात्रावासों और सरकारी संस्थानों में भी विशेष कार्यक्रम होंगे।
📡 प्रधानमंत्री का संबोधन होगा लाइव प्रसारित
कार्यक्रम का एक मुख्य आकर्षण प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का संबोधन होगा, जिसका सीधा प्रसारण—
- जिला मुख्यालय,
- ब्लॉक स्तर,
- ग्राम पंचायतों,
- शैक्षणिक संस्थानों
में किया जाएगा।
लाखों लोग टीवी, मोबाइल और सार्वजनिक एलईडी स्क्रीन से प्रधानमंत्री का संदेश सुनेंगे।
🗣️ मुख्यमंत्री का संदेश होगा वाचन
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का संदेश सभी जिलों के कार्यक्रमों में पढ़ा जाएगा।
उनका संदेश—
- जनजातीय समाज के ऐतिहासिक योगदान,
- राज्य में चल रही जनजातीय विकास योजनाओं,
- और युवाओं को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता
पर केंद्रित होगा।
मुख्यमंत्री जगदलपुर के कार्यक्रम में स्वयं उपस्थिति दर्ज कराएंगे, जिससे बस्तर जिले में उत्सव का माहौल रहेगा।
🎭 जनजातीय संस्कृति की धूम
समारोहों में जनजातीय संस्कृति का प्रदर्शनीय कार्यक्रम भी रखा गया है, जिसमें—
- हल्बी, गोंडी, मुरिया, अबूझमाड़िया नृत्य,
- पारंपरिक वाद्य यंत्र,
- जनजातीय परिधानों का प्रदर्शन,
- शिल्प और वन उत्पादों की प्रदर्शनी
का आयोजन होगा।
जनजातीय कलाकारों को सम्मानित भी किया जाएगा।
📜 जनजातीय इतिहास को मिलेगी नई पहचान
राज्य सरकार ने कहा है कि यह दिवस सिर्फ एक उत्सव नहीं, बल्कि जनजातीय संघर्ष, साहस और बलिदान को याद करने का अवसर है।
बिरसा मुंडा, गुण्डाधुर, तंटैया भील और अन्य अनेक वीरों के योगदान की कहानियाँ युवाओं तक पहुंचाई जाएँगी।
🏛️ सरकार जनजातीय विकास के लिए प्रतिबद्ध
छत्तीसगढ़ सरकार जनजातीय सशक्तिकरण को अपनी शीर्ष प्राथमिकताओं में रखती है।
वर्तमान में—
- वनाधिकार पट्टे वितरण,
- कृषि और लघु वनोपज समर्थन,
- शिक्षा और आवास सुविधाएँ,
- स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार,
- प्रधानमंत्री जनमन योजना
जैसी अनेक योजनाएँ चल रही हैं।
जनजातीय गौरव दिवस इन योजनाओं के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने का भी माध्यम बनेगा।
🌟 जगदलपुर में होगा मुख्य आकर्षण
मुख्यमंत्री के आगमन से जगदलपुर में विशेष उत्साह है।
यहाँ—
- भव्य सांस्कृतिक शो,
- प्रदर्शनी,
- सम्मान समारोह,
- और जनजातीय युवाओं का सम्मेलन
आयोजित किया जाएगा।
बस्तर की अनोखी सांस्कृतिक विरासत पूरे राज्य को प्रेरणा देगी।
✨ समग्र रूप से—छत्तीसगढ़ में जनजातीय गौरव दिवस मनाने की तैयारियाँ पूरी
राज्य के सभी जिलों में कार्यक्रमों की तैयारियाँ तीव्र गति से चल रही हैं।
सरकार का उद्देश्य है कि यह दिवस—
- जनजातीय समाज की गौरवशाली पहचान,
- उनकी परंपराओं के संरक्षण,
- और साझी विरासत
को नई मजबूती प्रदान करे।
यह दिन जनजातीय समुदाय की महत्ता, योगदान और सांस्कृतिक विविधता को सम्मान देने का प्रतीक बनेगा।








