सड़क सुरक्षा माह के तहत दुर्ग जिले में कॉलेज विद्यार्थियों और वाहन चालकों को यातायात नियमों व सुरक्षित ड्राइविंग के प्रति जागरूक किया गया।
दुर्ग। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और यातायात नियमों के प्रति आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत दुर्ग जिले में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों के तहत जिले के विभिन्न कॉलेजों के विद्यार्थियों और वाहन चालकों को यातायात नियमों, सुरक्षित ड्राइविंग और सड़क सुरक्षा के महत्व के बारे में जानकारी दी गई।
जिले के शासकीय और निजी महाविद्यालयों में आयोजित जागरूकता सत्रों के दौरान यातायात पुलिस और परिवहन विभाग के अधिकारियों ने छात्रों को हेलमेट और सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग, गति सीमा का पालन, मोबाइल फोन का उपयोग न करने और नशे की हालत में वाहन न चलाने जैसे महत्वपूर्ण नियमों के बारे में विस्तार से बताया। छात्रों को सड़क संकेतों और ट्रैफिक लाइट के महत्व की भी जानकारी दी गई।
सड़क सुरक्षा माह के तहत प्रमुख चौक-चौराहों और बस स्टैंडों पर भी विशेष अभियान चलाया गया, जहां वाहन चालकों को पंपलेट वितरित कर यातायात नियमों का पालन करने की अपील की गई। अधिकारियों ने दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने और चारपहिया वाहन चालकों को सीट बेल्ट लगाने के लिए प्रेरित किया। इसके साथ ही ओवरलोडिंग और तेज गति से वाहन चलाने के खतरों पर भी प्रकाश डाला गया।
कार्यक्रम के दौरान दुर्घटनाओं के वास्तविक आंकड़ों और उदाहरणों के माध्यम से यह समझाया गया कि थोड़ी सी लापरवाही कैसे बड़े हादसे का कारण बन सकती है। छात्रों और चालकों ने भी जागरूकता कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी दिखाई और सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करने का संकल्प लिया।
प्रशासन और यातायात पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि सड़क सुरक्षा माह का उद्देश्य केवल नियमों का पालन करवाना नहीं, बल्कि सुरक्षित और जिम्मेदार यातायात संस्कृति विकसित करना है। उन्होंने कहा कि यदि हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझे और नियमों का पालन करे, तो सड़क दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।
इस अवसर पर परिवहन विभाग, यातायात पुलिस, कॉलेज प्रशासन और स्वयंसेवी संगठनों का सहयोग भी रहा। जागरूकता रैलियां, पोस्टर प्रतियोगिता और शपथ कार्यक्रम के माध्यम से भी सड़क सुरक्षा का संदेश आमजन तक पहुंचाया गया।
सड़क सुरक्षा माह के तहत चलाए जा रहे इन अभियानों को लेकर नागरिकों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। प्रशासन ने भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रमों को निरंतर जारी रखने की बात कही है, ताकि सुरक्षित सड़कें और जिम्मेदार यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।








