LIVE बुधवार, 13 मई 2026
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देश

केंद्रीय मंत्री बंदी संजय पीएम मोदी के सामने हुए भावुक, बेटे के मामले को बताया राजनीतिक साजिश

तेलंगाना में 10 मई को एक जनसभा के दौरान केंद्रीय मंत्री बंदी संजय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने भावुक हो गए। उन्होंने अपने बेटे पर दर्ज POCSO केस को एक गहरी राजनीतिक साजिश करार देते हुए अपनी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (BJP) का सिर शर्म से झुकने न देने का संकल्प लिया। सिकंदराबाद में आयोजित इस जनसभा में प्रधानमंत्री मोदी भी उपस्थित थे, जब बंदी संजय ने अपने ऊपर और अपने परिवार पर लगे आरोपों को लेकर अपनी पीड़ा व्यक्त की और विपक्षी दलों पर निशाना साधा।

भावुक पल और आरोपों का खंडन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में मंच साझा करते हुए, केंद्रीय मंत्री बंदी संजय अपनी बात रखते हुए अचानक भावुक हो गए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वह “चूहा नहीं हैं, जो किसी फार्महाउस में छिपा बैठा हो।” यह टिप्पणी संभवतः उन राजनीतिक विरोधियों की ओर इशारा थी जो अक्सर गुप्त रणनीति या छिपकर काम करने के लिए जाने जाते हैं। बंदी संजय ने जोर देकर कहा कि वह कभी कोई ऐसा काम नहीं करेंगे जिससे उनकी पार्टी को शर्मिंदा होना पड़े। उनके इस भावुक बयान ने जनसभा में मौजूद कार्यकर्ताओं और नेताओं को भी प्रभावित किया, क्योंकि यह उनके व्यक्तिगत संघर्ष और पार्टी के प्रति उनकी अटूट निष्ठा को दर्शाता है। उन्होंने अपने बेटे पर लगे आरोपों को सीधे तौर पर राजनीतिक प्रतिशोध का परिणाम बताया, जिससे तेलंगाना की राजनीति में गर्माहट आ गई है।

राजनीतिक साजिश के आरोप

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बंदी संजय के बेटे पर POCSO अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिसकी वजह से केंद्रीय मंत्री लगातार दबाव में हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और जनता के सामने अपनी बात रखते हुए इन आरोपों को सिरे से खारिज किया और इन्हें विपक्षी दलों द्वारा रची गई एक सुनियोजित राजनीतिक साजिश का हिस्सा बताया। तेलंगाना में आगामी चुनावों और राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के बीच, बंदी संजय का यह बयान महत्वपूर्ण हो जाता है, क्योंकि यह बताता है कि कैसे व्यक्तिगत मामलों को राजनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इन आरोपों से डरने वाले नहीं हैं और सच्चाई सामने आएगी। उनका मानना है कि यह सब उन्हें और उनकी पार्टी को कमजोर करने का प्रयास है, लेकिन वे इससे विचलित नहीं होंगे।

पार्टी के प्रति निष्ठा और संकल्प

अपने भावुक भाषण के दौरान, बंदी संजय ने बार-बार भारतीय जनता पार्टी और उसके आदर्शों के प्रति अपनी अटूट निष्ठा दोहराई। उन्होंने कहा कि वह और पार्टी का हर कार्यकर्ता “जय श्री राम” और “भारत माता की जय” के नारों के साथ काम कर रहा है। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि वे किसी भी कीमत पर भाजपा का सिर शर्म से झुकने नहीं देंगे। यह बयान उनकी व्यक्तिगत गरिमा और राजनीतिक प्रतिबद्धता दोनों को दर्शाता है। बंदी संजय ने अपने संबोधन में यह भी संकेत दिया कि वे चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार हैं और किसी भी प्रकार के दबाव में नहीं झुकेंगे। उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से एकजुट रहने और पार्टी के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए अथक प्रयास करने का आह्वान किया।

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तेलंगाना में राजनीतिक पृष्ठभूमि

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का तेलंगाना दौरा ऐसे समय में हुआ है जब राज्य में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हैं। बीजेपी राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करने का लगातार प्रयास कर रही है और बंदी संजय जैसे नेता इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। तेलंगाना में क्षेत्रीय दलों और बीजेपी के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा है, और ऐसे में किसी केंद्रीय मंत्री के परिवार पर लगे आरोप राजनीतिक माहौल को और गरमा देते हैं। बंदी संजय का भावुक होना और आरोपों को राजनीतिक साजिश बताना इस बात का संकेत है कि राज्य में राजनीतिक लड़ाई अब व्यक्तिगत स्तर तक पहुँच गई है। बीजेपी के लिए यह घटना अपने कार्यकर्ताओं का मनोबल बनाए रखने और विपक्षी दलों के आरोपों का मजबूती से जवाब देने की चुनौती पेश करती है। बंदी संजय के इस बयान से यह स्पष्ट है कि तेलंगाना की राजनीति में आने वाले दिनों में और अधिक तीखे आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिल सकते हैं।

Heshma lahre
लेखक: Heshma lahre

Heshma lahre is a dedicated journalist at Dabang Awaz, known for her comprehensive coverage across all news categories, delivering accurate and timely reports with integrity.