राज्यपाल डेका ने रायपुर में कहा कि डिजिटल तकनीक का लाभ लें, लेकिन अत्यधिक निर्भरता से बचें ताकि रचनात्मकता और सामाजिक जुड़ाव बना रहे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री बिस्वभूषण हरिचंदन डेका ने आज एक कार्यक्रम में डिजिटल तकनीक के महत्व और इसके जिम्मेदाराना उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि हमें तकनीक का लाभ उठाना चाहिए, लेकिन उस पर पूरी तरह निर्भर नहीं होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अत्यधिक निर्भरता से हमारी रचनात्मकता, सोचने की क्षमता और सामाजिक जुड़ाव प्रभावित हो सकता है।
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कार्यक्रम में दी प्रेरणादायक सीख
राज्यपाल डेका राजधानी रायपुर में आयोजित एक शैक्षिक एवं तकनीकी संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने छात्रों, शिक्षकों और तकनीकी विशेषज्ञों को डिजिटल उपकरणों के सही इस्तेमाल की सलाह दी। उन्होंने कहा, “डिजिटल तकनीक ने जीवन को आसान और सुविधाजनक बनाया है, लेकिन इसे सोच-समझकर और संतुलित तरीके से इस्तेमाल करना जरूरी है।”
अत्यधिक उपयोग के खतरे
राज्यपाल ने उदाहरण देते हुए बताया कि लगातार मोबाइल, इंटरनेट और सोशल मीडिया का अत्यधिक प्रयोग हमारी मानसिक और शारीरिक सेहत पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। उन्होंने कहा कि स्क्रीन टाइम को सीमित करना और वास्तविक दुनिया के अनुभवों से जुड़ना बेहद जरूरी है।
शिक्षा क्षेत्र में डिजिटल क्रांति
राज्यपाल डेका ने यह भी माना कि डिजिटल तकनीक ने शिक्षा में क्रांतिकारी बदलाव लाए हैं, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थी भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर पा रहे हैं। हालांकि, उन्होंने जोर दिया कि पारंपरिक शिक्षा पद्धतियों और मानवीय संपर्क को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
संतुलित दृष्टिकोण की जरूरत
उन्होंने कहा कि तकनीक का उपयोग हमारे कार्यों को गति और दक्षता प्रदान करता है, लेकिन इसे एकमात्र सहारे के रूप में अपनाना हमारी स्वायत्त सोच को सीमित कर सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे डिजिटल कौशल विकसित करने के साथ-साथ किताबों के अध्ययन, रचनात्मक गतिविधियों और सामाजिक सहभागिता पर भी ध्यान दें।
भविष्य के लिए संदेश
राज्यपाल डेका ने कहा, “तकनीक का उद्देश्य मानव जीवन को बेहतर बनाना है, न कि हमें उसका गुलाम बनाना। हमें इसे एक सहायक उपकरण की तरह अपनाना चाहिए, न कि जीवन का केंद्र बिंदु बनाना।”
सकारात्मक प्रतिक्रिया
कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थियों और शिक्षकों ने राज्यपाल के विचारों की सराहना की और कहा कि यह संदेश वर्तमान समय में बेहद प्रासंगिक है, जब तकनीक जीवन के हर पहलू में शामिल हो गई है।








