रायपुर। विदेशी धरती पर जब अपनी मातृभूमि की संस्कृति, भाषा और कला गूंजे तो गर्व की अनुभूति होती है। ऐसा ही नजारा हाल ही में तुर्की के इस्तांबुल में देखने को मिला, जब छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति और रायपुर की आवाज ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर सबका दिल जीत लिया।
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अंतरराष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की पहचान
इस्तांबुल में आयोजित इंटरनेशनल कल्चरल फेस्टिवल में भारत की ओर से छत्तीसगढ़ के कलाकारों को विशेष आमंत्रण दिया गया।
- यहां छत्तीसगढ़ी गीत, लोकनृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
- मंच पर रायपुर के कलाकारों ने जब पंथी और करमा नृत्य की प्रस्तुति दी तो सभागार तालियों से गूंज उठा।
- छत्तीसगढ़ की वेशभूषा और संगीत ने लोगों को भारतीय संस्कृति की गहराई से परिचित कराया।
रायपुर की आवाज़ ने बांधा समां
फेस्टिवल में रायपुर के युवा कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से अंतरराष्ट्रीय दर्शकों का दिल जीत लिया।
- रायपुर के गायकों ने जब छत्तीसगढ़ी लोकगीत गाए, तो विदेशी दर्शक भी संगीत की लय में झूम उठे।
- ‘रायपुर की आवाज’ नाम से प्रस्तुत इस सांस्कृतिक सेगमेंट ने छत्तीसगढ़ को एक वैश्विक मंच दिलाया।
विदेशियों में छत्तीसगढ़ी संस्कृति के प्रति उत्साह
- छत्तीसगढ़ की लोककला और गीत-संगीत ने विदेशियों में खास आकर्षण पैदा किया।
- दर्शकों ने कलाकारों के साथ मंच साझा किया और छत्तीसगढ़ी नृत्य की शैली को सीखने की कोशिश की।
- कार्यक्रम आयोजकों ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर सरलता और जीवंतता से भरपूर है, जो विश्व को जोड़ने की ताकत रखती है।
सरकार और कलाकारों की मेहनत
छत्तीसगढ़ की संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने का श्रेय राज्य सरकार और स्थानीय कलाकारों की मेहनत को जाता है।
- संस्कृति विभाग ने इस आयोजन में भागीदारी सुनिश्चित की।
- कलाकारों ने महीनों की तैयारी के बाद विदेशी मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
सांस्कृतिक कूटनीति का उदाहरण
इस्तांबुल में छत्तीसगढ़ की धूम केवल सांस्कृतिक प्रदर्शन तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह सांस्कृतिक कूटनीति का भी उदाहरण बनी।
- इससे भारत और तुर्की के बीच सांस्कृतिक रिश्ते मजबूत हुए।
- छत्तीसगढ़ की आवाज़ ने भारत की विविधता और समृद्धि को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उजागर किया।
दर्शकों की प्रतिक्रिया
- स्थानीय दर्शकों ने कहा कि छत्तीसगढ़ी नृत्य और गीतों ने उन्हें भारतीय परंपरा की गहराई से परिचित कराया।
- कई विदेशी दर्शकों ने कहा कि वे भविष्य में भारत और खासकर छत्तीसगढ़ घूमना चाहेंगे।










