छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों की बैठक में शिक्षकों को शालीन कपड़े पहनने की हिदायत दी और नशेड़ी शिक्षकों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के नव नियुक्त स्कूल शिक्षा मंत्री ने पदभार संभालने के बाद विभागीय कार्यप्रणाली को सुधारने के उद्देश्य से पहली बड़ी बैठक ली। इस बैठक में विभागीय अधिकारियों और जिला शिक्षा अधिकारियों को कई सख्त निर्देश दिए गए। मंत्री ने साफ कहा कि शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अनुशासन, जवाबदेही और पारदर्शिता बेहद जरूरी है।
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शालीन कपड़े पहनने की हिदायत
मंत्री ने कहा कि शिक्षक समाज का मार्गदर्शक होता है और उसकी छवि छात्रों के लिए प्रेरणादायी होनी चाहिए।
- सभी शिक्षकों को शालीन और मर्यादित परिधान पहनकर विद्यालय में उपस्थित होना होगा।
- स्कूल ड्रेस कोड जैसी व्यवस्था पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि शिक्षक और छात्र एक समान अनुशासन का पालन करें।
नशेड़ी शिक्षकों पर कड़ी कार्रवाई
बैठक में सबसे सख्त निर्देश उन शिक्षकों को लेकर दिए गए जो नशे की आदतों में लिप्त हैं।
- ऐसे शिक्षकों पर विभाग अब कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगा।
- यदि कोई शिक्षक नशे की हालत में स्कूल आता है तो उसकी तत्काल शिकायत दर्ज की जाएगी और निलंबन तक की कार्रवाई संभव होगी।
- मंत्री ने कहा कि बच्चों की शिक्षा और भविष्य के साथ खिलवाड़ किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर फोकस
बैठक में शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने के लिए गुणवत्ता सुधार सर्वोच्च प्राथमिकता है।
- शिक्षकों को सिर्फ पढ़ाने तक सीमित न रहकर विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण और व्यक्तित्व विकास पर भी जोर देना होगा।
- शिक्षण पद्धति और तकनीक को आधुनिक बनाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित होंगे।
- सरकारी स्कूलों में शिक्षा परिणाम सुधारने के लिए विशेष कार्य योजना तैयार करने को कहा गया।
शिक्षकों की जिम्मेदारी
मंत्री ने कहा कि शिक्षक सिर्फ पढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि आदर्श स्थापित करने के लिए भी जिम्मेदार होते हैं।
- समय पर स्कूल पहुंचना, बच्चों को पढ़ाई में रुचि दिलाना और स्वच्छ वातावरण बनाए रखना शिक्षकों की जिम्मेदारी है।
- बच्चों के लिए शिक्षक ही सबसे बड़े रोल मॉडल होते हैं।
अधिकारियों को निर्देश
- विभागीय अधिकारियों को कहा गया कि वे नियमित निरीक्षण करें।
- शिक्षकों की अनुपस्थिति, अनुशासनहीनता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
- अधिकारियों से कहा गया कि शिक्षकों और छात्रों के बीच फीडबैक सिस्टम विकसित करें ताकि समस्याएं तुरंत सुलझाई जा सकें।
मंत्री का संदेश
शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शिक्षा का स्तर तभी सुधरेगा जब शिक्षक पूरी जिम्मेदारी के साथ काम करेंगे।
उन्होंने कहा,
“छात्रों के भविष्य के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। शिक्षक अपनी भूमिका ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाएं, यही सरकार की प्राथमिकता है।”






