LIVE बुधवार, 13 मई 2026
Advertisement Vastu Guruji
छत्तीसगढ़

वन्य जीव भालू के साथ छेड़छाड़, खाद्य पदार्थ या कोल्ड ड्रिंक पिलाना पूर्णतः प्रतिबंधित

महासमुंद में चंडी माता मंदिर ट्रस्ट और वन विभाग ने भालू और वन्य जीवों के प्रति सुरक्षा नियम कड़े किए। खाद्य पदार्थ या कोल्ड ड्रिंक देना प्रतिबंधित।

महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में चंडी माता मंदिर ट्रस्ट घुँचापाली बागबाहरा और वन विभाग के अधिकारियों की संयुक्त बैठक आज मंदिर परिसर में आयोजित की गई। बैठक में मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष लाल चंद्र जैन, कार्यकारिणी अध्यक्ष नंद कुमार चंद्राकर, पुजारी टुकेश्वर प्रसाद तिवारी, एडवोकेट कु. सिमरन सलूजा सहित अन्य पदाधिकारी, उपवनमंडलाधिकारी गोविंद सिंह, परिक्षेत्र अधिकारी लोकनाथ ध्रुव और वन विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे।


बैठक का उद्देश्य

बैठक का मुख्य उद्देश्य मंदिर परिसर और आसपास वन्य जीवों की सुरक्षा को सुनिश्चित करना था। विशेषकर भालू जैसे जंगली जानवरों के साथ छेड़छाड़, उन्हें खाद्य पदार्थ या कोल्ड ड्रिंक देना जैसी हरकतों को रोकना प्राथमिकता में रखा गया।

मंदिर परिसर में पर्यटक और श्रद्धालुओं की संख्या अधिक होती है, जिससे कभी-कभी वन्य जीवों के साथ अनजाने में खतरनाक व्यवहार हो जाता है। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि भालुओं और अन्य जंगली जानवरों के प्रति सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा।


लिए गए अहम निर्णय

बैठक में निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए:

विज्ञापन
Advertisement

  1. भालू या अन्य वन्य जीवों के साथ छेड़छाड़ पूरी तरह प्रतिबंधित होगी।
  2. किसी भी प्रकार के खाद्य पदार्थ या कोल्ड ड्रिंक वन्य जीवों को नहीं दिया जाएगा।
  3. मंदिर परिसर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सावधानी और चेतावनी संदेश लगाए जाएंगे।
  4. वन विभाग के अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण और निगरानी की जाएगी।
  5. मंदिर ट्रस्ट और वन विभाग की संयुक्त सुरक्षा टीम बनाई जाएगी।
  6. उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

ट्रस्ट और वन विभाग की भूमिका

मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष लाल चंद्र जैन ने कहा कि यह निर्णय पर्यटकों, श्रद्धालुओं और वन्य जीवों दोनों की सुरक्षा के लिए आवश्यक है।

  • ट्रस्ट के पदाधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी स्थायी और अस्थायी कर्मचारी नियमों का पालन करें।
  • उपवनमंडलाधिकारी गोविंद सिंह ने कहा कि वन्य जीवों के स्वास्थ्य और प्राकृतिक जीवन के लिए यह निर्देश अनिवार्य हैं।
  • परिक्षेत्र अधिकारी लोकनाथ ध्रुव ने चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए दिशानिर्देश

बैठक में यह भी तय किया गया कि मंदिर आने वाले पर्यटक और श्रद्धालु निम्नलिखित बातों का पालन करें:

  • किसी भी वन्य जीव को छूने या परेशान करने का प्रयास न करें।
  • खाद्य पदार्थ और पेय जानवरों के पास न रखें।
  • अपने बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों को वन्य जीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दें।
  • पार्किंग और मंदिर परिसर में वन विभाग और ट्रस्ट द्वारा लगाए गए सुरक्षा बोर्ड और चेतावनी संकेत पढ़ें और उनका पालन करें।

वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए नए प्रयास

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि:

  • मंदिर परिसर और आसपास के जंगलों में कैमरा ट्रैप और निगरानी कैमरे लगाए जाएंगे।
  • वन विभाग द्वारा भालुओं और अन्य वन्य जीवों के व्यवहार का नियमित अध्ययन किया जाएगा।
  • मंदिर परिसर में आने वाले श्रद्धालुओं को वन्य जीव सुरक्षा नियमों के बारे में जागरूक किया जाएगा।

विशेषज्ञों और अधिकारियों का बयान

वन्य जीव विशेषज्ञों का कहना है कि भालुओं को मानव-खाद्य पदार्थ देना उनके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है और इससे उनका व्यवहार भी बदल सकता है।

  • जंगली जानवर खतरनाक हो सकते हैं, इसलिए उनका प्राकृतिक आहार और रहन-सहन बनाए रखना जरूरी है।
  • अधिकारियों ने चेताया कि नियमों का पालन नहीं होने पर अचानक हमले और दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ सकता है।

निष्कर्ष

महासमुंद में चंडी माता मंदिर ट्रस्ट और वन विभाग की संयुक्त बैठक यह स्पष्ट करती है कि वन्य जीवों की सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुरक्षा दोनों एक साथ सुनिश्चित की जाएगी।
भालू या अन्य वन्य जीवों के साथ छेड़छाड़, उन्हें भोजन या कोल्ड ड्रिंक देना पूर्णतः प्रतिबंधित और कानूनी अपराध माना जाएगा।

यह पहल पर्यावरण संरक्षण, वन्य जीव सुरक्षा और धार्मिक स्थलों पर सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम है।

Heshma lahre
लेखक: Heshma lahre

Heshma lahre is a dedicated journalist at Dabang Awaz, known for her comprehensive coverage across all news categories, delivering accurate and timely reports with integrity.