रायपुर। सुशासन तिहार के तहत सरोधी गांव में आयोजित कार्यक्रम के दौरान महिला स्व सहायता समूह ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को स्थानीय उत्पादों से सजी टोकरी भेंट की। यह भेंट ग्रामीण महिलाओं की मेहनत, आत्मनिर्भरता और स्थानीय उत्पादों की समृद्ध परंपरा का प्रतीक रही।
कार्यक्रम में महिलाओं ने अपने द्वारा तैयार किए गए उत्पाद—जैसे खाद्य सामग्री, हस्तशिल्प और अन्य स्थानीय वस्तुएं—मुख्यमंत्री को सौंपे। मुख्यमंत्री ने इन उत्पादों की सराहना करते हुए कहा कि स्व सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं का सशक्तिकरण राज्य के विकास का आधार है और सरकार उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही है। उन्होंने महिलाओं को अपने उत्पादों के विपणन और विस्तार के लिए भी प्रोत्साहित किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने महिला समूहों से संवाद करते हुए उनके कार्यों और चुनौतियों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्व सहायता समूहों को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बाजार उपलब्ध कराने में सहयोग किया जाए।
महिला समूह की सदस्यों ने बताया कि सरकारी योजनाओं और प्रशिक्षण से उन्हें स्वरोजगार का अवसर मिला है और वे अब आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री के इस सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के प्रयास महिलाओं की भागीदारी बढ़ाते हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करते हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने महिला समूहों की इस पहल की सराहना की और इसे प्रेरणादायक बताया।
यह आयोजन सुशासन तिहार के तहत जनसंवाद और महिला सशक्तिकरण का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आया है, जो ग्रामीण विकास को नई दिशा दे रहा है।








