झारखंड के देवघर स्थित विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम में कांवरियों और श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक महत्वाकांक्षी 200 करोड़ रुपये की लागत वाले एलिवेटेड फुटओवरब्रिज परियोजना पर काम तेज हो गया है। गुरुवार को पथ निर्माण विभाग (PWD) और स्पर्श कंसल्टेंट की संयुक्त टीम ने रेलवे पुल से नेहरू पार्क तक प्रस्तावित मार्ग का फिजिबिलिटी सर्वे सफलतापूर्वक पूरा किया, जिससे लाखों कांवरियों को निर्बाध और सुरक्षित मार्ग मिलने की उम्मीद जगी है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य कांवर यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को यातायात बाधाओं से मुक्त रखते हुए सीधे शिवगंगा तक पहुंचाना और फिर आसानी से दर्शन कतार में शामिल कराना है।
परियोजना का विवरण और उद्देश्य
यह परियोजना झारखंड सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका लक्ष्य बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाले लाखों श्रद्धालुओं, विशेषकर सावन मास में कांवर यात्रा करने वाले भक्तों की यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाना है। राज्य सरकार ने इस बहुप्रतीक्षित परियोजना के लिए लगभग 200 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया है, जो इसकी महत्ता को दर्शाता है। प्रस्तावित एलिवेटेड फुटओवरब्रिज की कुल चौड़ाई 7 मीटर होगी। इसमें से 5 मीटर चौड़ा मार्ग विशेष रूप से कांवरियों के पैदल चलने के लिए आरक्षित रहेगा, जबकि शेष 2 मीटर हिस्से का उपयोग सुरक्षा रेलिंग, नियमित रखरखाव और आपातकालीन सेवाओं के लिए किया जाएगा। इस पुल के निर्माण से कांवरियों को शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों और वाहनों के आवागमन से बचते हुए सीधे शिवगंगा तक पहुंचने में मदद मिलेगी, जहाँ वे स्नान कर बिना किसी अवरोध के बाबा बैद्यनाथ के दर्शन के लिए कतार में लग सकेंगे।
फिजिबिलिटी सर्वे और प्रस्तावित मार्ग
इस महत्वाकांक्षी परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए पथ निर्माण विभाग (PWD) और स्पर्श कंसल्टेंट की एक संयुक्त टीम ने गहन फिजिबिलिटी सर्वे किया है। गुरुवार को किए गए इस प्रारंभिक सर्वे में, टीम ने रेलवे पुल की संरचनात्मक स्थिति का बारीकी से आकलन किया। सर्वे के निष्कर्षों के आधार पर, यह सहमति बनी है कि फुटओवरब्रिज का निर्माण रेलवे पुल के ठीक आगे से शुरू किया जाएगा ताकि मौजूदा रेलवे संरचना पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। प्रस्तावित मार्ग के अनुसार, एलिवेटेड फुटओवरब्रिज रेलवे पुल के आगे से आरंभ होकर कई महत्वपूर्ण स्थलों से गुजरेगा। इनमें रांगा मोड़, बिजली पासी चौक, दर्शनियां मोड़, बीएन झा पथ, पंडित शिवराम झा चौक और मानसरोवर हनुमान मंदिर शामिल हैं, और अंततः यह सीधे नेहरू पार्क तक पहुंचेगा। यह सुनिश्चित करेगा कि कांवरियों को देवघर शहर के व्यस्त और भीड़भाड़ वाले रास्तों से होकर न गुजरना पड़े, जिससे उनकी यात्रा अधिक आरामदायक और सुरक्षित हो सकेगी।
कांवरियों के लिए विशेष सुविधाएं
कांवरियों की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए, प्रस्तावित एलिवेटेड फुटओवरब्रिज पर कई महत्वपूर्ण सुविधाएं विकसित की जाएंगी। पूरे मार्ग पर कुल 11 स्थानों पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिनमें स्वच्छ शौचालय, प्राथमिक चिकित्सा और मेडिकल सहायता केंद्र, तथा पुलिस कैंप शामिल हैं। इन सुविधाओं के प्रमुख केंद्र रेलवे पुल, रांगा मोड़ और दर्शनियां मोड़ पर होंगे, जहाँ कांवरियों की भीड़ सर्वाधिक होती है। इसके अतिरिक्त, अन्य सुविधाएं बीएन झा पथ के ऊपर विकसित की जाएंगी, जिससे पूरे मार्ग पर श्रद्धालुओं को आवश्यक सहायता मिलती रहे। पुल पर चढ़ने और उतरने की सुविधा के लिए 8 स्थानों पर रैंप और सीढ़ियां बनाई जाएंगी, जो विशेष रूप से बुजुर्गों और शारीरिक रूप से अक्षम कांवरियों के लिए सुविधाजनक होंगी। ये व्यापक सुविधाएं कांवर यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को आवश्यक आराम और सहायता प्रदान करेंगी, जिससे उनकी धार्मिक यात्रा का अनुभव और भी सकारात्मक और सुविधाजनक बन सकेगा।
आगामी कदम और महत्व
फिजिबिलिटी सर्वे के सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद, अब इस परियोजना के अगले चरणों, जैसे विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करना और फिर निर्माण कार्य शुरू करने पर तेजी से काम होगा। यह परियोजना न केवल देवघर के स्थानीय प्रशासन के लिए बल्कि पूरे झारखंड राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी। यह बाबा बैद्यनाथ धाम की महिमा को और बढ़ाएगी और इसे देश के प्रमुख तीर्थस्थलों में से एक के रूप में स्थापित करेगी। इस एलिवेटेड फुटओवरब्रिज के निर्माण से कांवरियों की यात्रा में लगने वाला समय कम होगा, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित होगी और देवघर शहर में यातायात प्रबंधन में भी काफी सुधार आएगा। यह बुनियादी ढांचा परियोजना लाखों भक्तों के लिए एक सुरक्षित, सुगम और यादगार तीर्थयात्रा का अनुभव सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।






