दक्षिण छत्तीसगढ़ में पिछले 24 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश ने सामान्य जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। इस अप्रत्याशित वर्षा के कारण गरियाबंद जिले में एक महत्वपूर्ण पुल ढह गया है, जिससे कई ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क टूट गया है। वहीं, राजधानी रायपुर से होकर गुजरने वाली खारून नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए दक्षिण छत्तीसगढ़ के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है, जिससे प्रशासन और स्थानीय नागरिक दोनों सतर्क हो गए हैं।
बारिश का कहर और जनजीवन पर असर
मानसून की सक्रियता के साथ ही दक्षिण छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ दिनों से रुक-रुक कर बारिश हो रही थी, लेकिन बीते 24 घंटे में इसकी तीव्रता अप्रत्याशित रूप से बढ़ गई है। लगातार हो रही तेज बारिश के कारण सड़कों पर पानी भर गया है, जिससे यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। कई स्थानों पर बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई है, जिससे हजारों घरों में अंधेरा छा गया है। किसानों को भी अपनी फसलों की चिंता सता रही है, क्योंकि खेतों में पानी भरने से फसलें खराब होने का डर है। शहरी इलाकों में जलभराव के कारण लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में नदियों और नालों के उफान पर होने से कई रास्ते बंद हो गए हैं। प्रशासन ने लोगों से बेवजह घर से बाहर न निकलने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
गरियाबंद में पुल ढहने की घटना
गरियाबंद जिले में हुई भारी बारिश का सबसे बड़ा असर एक महत्वपूर्ण पुल के ढहने के रूप में सामने आया है। यह घटना जिले के मैनपुर क्षेत्र के पास हुई, जहाँ सोमवार देर रात एक पुल का एक हिस्सा भारी जलप्रवाह के कारण टूट गया। यह पुल कई गाँवों को मुख्य सड़क से जोड़ता था और इसके ढहने से लगभग एक दर्जन गाँवों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है। स्थानीय प्रशासन ने तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने एहतियात के तौर पर पुल के दोनों ओर बैरिकेडिंग कर दी है ताकि कोई भी दुर्घटना से बच सके। पुल के ढहने से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पर भी असर पड़ने की आशंका है। जिला प्रशासन ने वैकल्पिक मार्गों की तलाश शुरू कर दी है और जल्द से जल्द मरम्मत कार्य शुरू करने का आश्वासन दिया है, हालांकि लगातार बारिश के कारण यह कार्य चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
रायपुर में खारून नदी का बढ़ता जलस्तर
राजधानी रायपुर के लिए भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, क्योंकि शहर के बीच से बहने वाली खारून नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। यह पहली बार नहीं है जब खारून नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर गया हो, लेकिन इस बार बारिश की तीव्रता को देखते हुए स्थिति गंभीर मानी जा रही है। मंगलवार सुबह तक नदी का पानी खतरे के निशान को पार कर गया, जिससे नदी किनारे बसे खमतराई, सरोना और अमलेश्वर जैसे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। जिला प्रशासन ने इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहने की चेतावनी जारी की है। आपदा प्रबंधन दल अलर्ट पर हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए, नदी में प्रवेश और नौका विहार पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।
मौसम विभाग की चेतावनी और बचाव कार्य
मौसम विभाग ने दक्षिण छत्तीसगढ़ के लिए अगले 24 घंटों तक भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहने का रेड अलर्ट जारी किया है। विशेष रूप से बस्तर, दंतेवाड़ा, कोंडागांव, गरियाबंद और धमतरी जिलों में अत्यधिक वर्षा की आशंका जताई गई है। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब राज्य पहले से ही भारी बारिश से जूझ रहा है। मुख्यमंत्री ने सभी जिला कलेक्टरों को स्थिति पर कड़ी निगरानी रखने और किसी भी आपदा से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमों को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें, बिजली के खंभों और तारों से सतर्क रहें, और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन या हेल्पलाइन नंबर 112 पर संपर्क करें। प्रशासन ने सभी नागरिकों से सहयोग करने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।




