LIVE बुधवार, 13 मई 2026
Advertisement Vastu Guruji
राज्य

हरियाणा में 296 नई एंबुलेंस शामिल होंगी, इमरजेंसी रिस्पॉन्स 10 मिनट से कम करने का लक्ष्य

चंडीगढ़

हरियाणा की सड़कों पर बढ़ते हादसे अब सिर्फ आंकड़े नहीं, बल्कि हर मिनट जिंदगी और मौत की जंग बन चुके हैं। कई मामलों में एंबुलेंस की थोड़ी सी देरी भारी पड़ जाती है। इसे देखते हुए राज्य सरकार अब अपने इमरजेंसी एंबुलेंस नेटवर्क की रफ्तार को तेजी देगी ताकि हादसे के बाद मदद मिनटों में पहुंचे, घंटों में नहीं। इसके लिए राज्य सरकार अपने एंबुलेंस बेड़े में 296 नई एंबुलेंस शामिल करने जा रही है। इन एंबुलेंस के जरिये सरकार का लक्ष्य किसी भी हादसे या ट्रामा के स्पॉट पर दस मिनट से कम समय पर पहुंचने का रखा गया है।

नए बेड़े में 70 एंबुलेंस एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट वाली होंगी। 59 को आउटसोर्सिंग के जरिये शामिल किया जाएगा। बाकी 167 बेसिक लाइफ सपोर्ट (बीएलएस) एंबुलेंस की खरीद प्रक्रिया जारी है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक डॉ. वीरेंद्र यादव ने बताया, ट्रॉमा, हार्ट अटैक और सड़क हादसों जैसी आपात स्थितियों में हर मिनट की अहमियत होती है। खासतौर पर हाईवे और घनी आबादी वाले शहरों में बढ़ती इमरजेंसी कॉल्स को देखते हुए त्वरित प्रतिक्रिया बेहद जरूरी हो गई है। कोशिश है कि जरूरत के समय एंबुलेंस दस मिनट से कम समय पर पहुंचे। मार्च का हमारी एंबुलेंस का औसत 9.29 मिनट का आया है। अब इसे नौ मिनट के आसपास ही रखना है। इस पर खासी निगरानी की जा रही है। अमर उजाला ने एंबुलेंस की कमी का भी मुद्दा उठाया था।

सात जिलों में एंबुलेंस की संख्या बढ़ेगी
राज्य में फिलहाल 550 एंबुलेंस हैं। इनमें 210 के वाहन अपनी उम्र पूरी कर चुके हैं। गुरुग्राम में 27 एंबुलेंस को बढ़ाकर 35, फरीदाबाद में 20 से 27, पंचकूला में 21 से 27, यमुनानगर में 20 से 25, हिसार में 30 से 33, करनाल में 30 से 31 और सिरसा में 32 से 37 एंबुलेंस तैनात करने का प्रस्ताव है। इस विस्तार का मकसद आपातकालीन प्रतिक्रिया समय को कम करना और दुर्घटना या गंभीर मरीजों तक तेजी से चिकित्सा सहायता पहुंचाना है।

विज्ञापन
Advertisement

हाईटेक होगी एंबुलेंस सेवा
नई एंबुलेंस सिर्फ संख्या नहीं बढ़ाएंगी, बल्कि तकनीक से भी लैस होंगी। इनमें रियल-टाइम जीपीएस ट्रैकिंग, ऑटोमैटिक कॉल-रूटिंग सिस्टम और डायरेक्ट कम्युनिकेशन डिवाइस लगाए जाएंगे जिससे कॉल से लेकर रिस्पॉन्स तक का समय घटेगा। एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस में कार्डियक मॉनिटर, डिफिब्रिलेटर, ऑक्सीजन सपोर्ट और जरूरी दवाओं जैसी सुविधाएं होंगी ताकि मरीज को मौके पर ही स्थिर किया जा सके। इसके साथ ही स्टाफ को भी विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। ड्राइवर, इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन और कॉल सेंटर ऑपरेटरों को खास ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि कॉल आने से लेकर मरीज को अस्पताल पहुंचाने तक हर कदम पर बेहतर तालमेल बन सके।

किस साल कितना टाइम रहा
साल             एंबुलेंस का टाइम
2017-18             16 मिनट
2018-19             16 मिनट
2019-20             16 मिनट
2020-21             15 मिनट
2021-22             13 मिनट
2022-23             12 मिनट
2023-24             12 मिनट
2024-25             11 मिनट

 

Rana Sikander
लेखक: Rana Sikander

Versatile journalist with experience in conducting in-depth interviews, analyzing complex data, and producing compelling narratives.