मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि नए आपराधिक कानून न्याय व्यवस्था को आधुनिक, पारदर्शी, समयबद्ध और नागरिक-केंद्रित बनाकर त्वरित न्याय सुनिश्चित करेंगे।
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि वर्तमान समय की चुनौतियों, तकनीकी बदलावों और समाज की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए लागू किए गए नए आपराधिक कानून भारतीय न्याय व्यवस्था में ऐतिहासिक परिवर्तन लेकर आए हैं। उन्होंने कहा कि इन कानूनों का उद्देश्य न्याय प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, पारदर्शी, समयबद्ध और नागरिक-केंद्रित बनाना है, जिससे आम लोगों को शीघ्र न्याय मिल सके।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि लंबे समय तक देश में औपनिवेशिक दौर के कानून लागू रहे, जो आज की परिस्थितियों और आधुनिक अपराधों के अनुरूप पूरी तरह सक्षम नहीं थे। बदलते समय में साइबर अपराध, संगठित अपराध, डिजिटल साक्ष्यों और महिलाओं एवं बच्चों से जुड़े अपराधों की प्रकृति में आए बदलावों को देखते हुए नए कानूनों की आवश्यकता महसूस की गई थी। इन्हीं आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने भारतीय न्याय प्रणाली में व्यापक सुधार किए हैं।
उन्होंने कहा कि नए आपराधिक कानून न्याय व्यवस्था को अधिक उत्तरदायी और तकनीक आधारित बनाएंगे। डिजिटल साक्ष्यों के उपयोग, समयबद्ध जांच, आधुनिक तकनीकों के समावेश तथा पीड़ितों के अधिकारों को अधिक मजबूत करने जैसे प्रावधान न्याय प्रणाली को नई दिशा देंगे। इससे अपराधों की जांच में तेजी आएगी और दोषियों को शीघ्र सजा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। पुलिस अधिकारियों, अभियोजन अधिकारियों तथा न्याय व्यवस्था से जुड़े सभी संबंधित विभागों को आवश्यक प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि नए प्रावधानों का प्रभावी और एकरूपता के साथ पालन सुनिश्चित किया जा सके।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने, आधुनिक संसाधनों का विस्तार करने तथा पुलिस तंत्र को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। नई व्यवस्था से अपराध नियंत्रण को मजबूती मिलेगी और नागरिकों का न्याय व्यवस्था पर विश्वास और अधिक बढ़ेगा।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विश्वास व्यक्त किया कि नए आपराधिक कानून न्यायिक प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और जवाबदेह बनाते हुए देश में सुशासन को नई मजबूती प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि इन सुधारों से आम नागरिकों को समय पर न्याय मिलेगा और भारत की न्याय प्रणाली अधिक आधुनिक, सक्षम एवं जनहितकारी स्वरूप में स्थापित होगी।



