रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आयोजित सुशासन तिहार-2026 के तहत दुर्ग जिले के चीचा में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों और नागरिकों ने अपनी समस्याएं और मांगें प्रशासन के सामने रखीं। प्रशासनिक अधिकारियों की सक्रियता के चलते शिविर में प्राप्त लगभग 300 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया, जिससे लोगों को तत्काल राहत मिली।
जानकारी के अनुसार, शिविर में राजस्व, पंचायत, स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, पेयजल, खाद्य, सामाजिक कल्याण और कृषि विभाग सहित कई विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। नागरिकों ने राशन कार्ड, पेंशन, भूमि संबंधी विवाद, बिजली समस्या, आवास योजना और पेयजल जैसी समस्याओं से जुड़े आवेदन प्रस्तुत किए।
अधिकारियों ने प्रत्येक आवेदन को गंभीरता से सुनते हुए प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की। कई मामलों का समाधान शिविर स्थल पर ही कर दिया गया, जबकि कुछ जटिल मामलों के लिए संबंधित विभागों को समयसीमा के भीतर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
शिविर में पहुंचे लोगों ने कहा कि पहले छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए उन्हें सरकारी दफ्तरों के कई चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब प्रशासन गांव तक पहुंचकर समस्याएं सुन रहा है। इससे लोगों का समय और खर्च दोनों बच रहा है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि सुशासन तिहार का उद्देश्य शासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है। इसके माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ आसानी से उपलब्ध कराया जा रहा है। शिविरों में आम नागरिकों की शिकायतों और समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है।
शिविर के दौरान विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी भी लोगों को दी गई। पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेजों के बारे में जागरूक किया गया। कई लोगों को मौके पर प्रमाण पत्र और आवश्यक दस्तावेज भी उपलब्ध कराए गए।
स्थानीय नागरिकों ने राज्य सरकार और प्रशासन की इस पहल की सराहना की। लोगों का कहना है कि इस तरह के शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रहे हैं। इससे शासन की योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंदों तक पहुंच रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि सुशासन तिहार-2026 के तहत प्रदेशभर में ऐसे शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से शासन की पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और स्थानीय अधिकारियों ने भी लोगों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नागरिकों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से किया जाएगा।
सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित यह जनसमस्या निवारण शिविर प्रशासन और जनता के बीच विश्वास मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।








