रायपुर में छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के तहत महिला सम्मेलन और तीजा-पोरा महोत्सव का भव्य आयोजन हुआ, जिसमें सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों ने सबको मोहा।
रायपुर। छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अवसर पर राजधानी रायपुर में महिला सम्मेलन और तीजा-पोरा महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम राज्य के सांस्कृतिक और सामाजिक धरोहर को उजागर करने वाला महत्वपूर्ण आयोजन था। कार्यक्रम में महिलाओं और जनप्रतिनिधियों की बड़ी संख्या में भागीदारी रही।
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महिला सम्मेलन में महिलाओं की भागीदारी
महिला सम्मेलन में छत्तीसगढ़ की महिलाओं ने समाज में अपनी भूमिका, शिक्षा और रोजगार के अवसरों पर विस्तार से चर्चा की। वक्ताओं ने कहा कि महिला सशक्तिकरण ही समाज और राज्य की प्रगति की दिशा तय करता है।

मुख्य अतिथि ने कहा,
“महिलाओं को हर क्षेत्र में अवसर देने की आवश्यकता है। शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। महिला सम्मेलन का उद्देश्य महिलाओं के अनुभव साझा करना और उन्हें सशक्त बनाना है।”
सम्मेलन में महिला उद्यमियों, शिक्षकों, स्वास्थ्यकर्मियों और समाजसेविकाओं ने भी अपने अनुभव साझा किए।

तीजा-पोरा महोत्सव का उत्सव
महिला सम्मेलन के साथ ही तीजा-पोरा महोत्सव का आयोजन भी किया गया। इस पारंपरिक छत्तीसगढ़ी उत्सव में महिलाएं रंग-बिरंगे परिधानों में झूमती दिखाई दीं। पूजा-अर्चना, लोकगीत, नृत्य और झूला झूलना महोत्सव का मुख्य आकर्षण रहा।
विशेष रूप से, महिलाएं अपनी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखते हुए लोकगीतों और नृत्यों के माध्यम से भावनाओं और परंपराओं का प्रदर्शन कर रही थीं।
राज्यपाल और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में राज्यपाल श्री डेका सहित कई जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और उद्योगपति मौजूद रहे। उन्होंने महिलाओं की भागीदारी की सराहना की और कहा कि छत्तीसगढ़ का सांस्कृतिक उत्सव और महिला सशक्तिकरण दोनों ही राज्य की पहचान हैं।
सांस्कृतिक कार्यक्रम और नृत्य
तीजा-पोरा महोत्सव में लोक नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां खास आकर्षण रही। महिलाएं और युवाओं ने पारंपरिक गीतों पर नृत्य प्रस्तुत किया। आयोजकों ने बताया कि इस वर्ष का महोत्सव पहले से अधिक भव्य था और इसमें जिले भर से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
सामाजिक संदेश
महिला सम्मेलन और तीजा-पोरा महोत्सव का उद्देश्य न केवल सांस्कृतिक आनंद देना था, बल्कि सामाजिक जागरूकता और महिलाओं को सशक्त बनाने का संदेश देना भी था। कार्यक्रम में स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और महिला सुरक्षा जैसे विषयों पर चर्चा की गई।
आयोजकों की प्रतिक्रिया
आयोजकों ने बताया कि इस वर्ष महोत्सव की भव्यता और सहभागिता पहले से कहीं अधिक रही। लोगों ने उत्सव की प्रशंसा की और कहा कि इस तरह के कार्यक्रम सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक संरक्षण में मदद करते हैं।
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव में महिला सम्मेलन और तीजा-पोरा महोत्सव का आयोजन राज्य की सांस्कृतिक और सामाजिक प्रगति का प्रतीक रहा। यह कार्यक्रम महिलाओं को सशक्त बनाने और परंपराओं को संरक्षित रखने का उदाहरण प्रस्तुत करता है।








