सुकमा की नक्सल मुक्त पंचायत बड़ेसट्टी में महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य और जागरूकता शिविर का आयोजन। ग्रामीणों ने लाभ उठाया और विकास में सहभागिता दिखाई।
सुकमा। छत्तीसगढ़ की प्रथम नक्सल सदस्य मुक्त पंचायत बड़ेसट्टी ने ग्रामीण विकास और स्वास्थ्य क्षेत्र में नई मिसाल कायम की। कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के निर्देशन में आयोजित ग्रामसभा में पंचायत प्रतिनिधियों, जिला पंचायत पदाधिकारियों और पिरामल फाउंडेशन के सदस्यों ने मिलकर ग्रामीणों के लिए विशेष महिला एवं बाल विकास शिविर का आयोजन किया।
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ग्रामसभा और कार्यक्रम का उद्देश्य
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य था कि महिला और बाल विकास, स्वास्थ्य जागरूकता और सामाजिक कल्याण को गांव स्तर पर बढ़ावा दिया जाए। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं और बच्चों के लिए स्वास्थ्य जांच, पोषण, टीकाकरण और शिक्षा पर विशेष सत्र आयोजित किए गए।
कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने कहा,
“नक्सल मुक्त पंचायत बड़ेसट्टी में इस तरह के कार्यक्रम यह दिखाते हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास और स्वास्थ्य सुधार के लिए सामूहिक प्रयास महत्वपूर्ण हैं। हम सभी मिलकर महिलाओं और बच्चों के कल्याण को प्राथमिकता देंगे।”
स्वास्थ्य और महिला जागरूकता शिविर
कार्यक्रम में ग्रामीणों के लिए स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किया गया, जिसमें ब्लड प्रेशर, शुगर, वजन और पोषण संबंधी जांच की गई। साथ ही टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की देखभाल, बच्चों के स्वास्थ्य और स्वच्छता पर जानकारी दी गई।
महिलाओं के लिए विशेष सत्र में महिला सशक्तिकरण, पोषण, स्वच्छता और मातृ स्वास्थ्य पर प्रशिक्षण और जागरूकता प्रदान की गई। बच्चों के लिए खेल-खिलौनों और शैक्षिक गतिविधियों के माध्यम से स्वास्थ्य और पोषण का महत्व समझाया गया।
पिरामल फाउंडेशन की भागीदारी
पिरामल फाउंडेशन के सदस्यों ने ग्रामीणों को स्वास्थ्य और शिक्षा के महत्व के बारे में जानकारी दी और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लाभों से अवगत कराया। फाउंडेशन ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा, शिक्षा और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।
पंचायत प्रतिनिधियों और जिला अधिकारियों की भूमिका
पंचायत प्रतिनिधियों और जिला पंचायत पदाधिकारियों ने कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी की और ग्रामीणों के सवालों का समाधान किया। उन्होंने बताया कि पंचायत स्तर पर स्वास्थ्य, महिला सुरक्षा और बाल विकास के मुद्दों को प्राथमिकता दी जाएगी।
नक्सल मुक्त पंचायत की उपलब्धियां
बड़ेसट्टी को नक्सल मुक्त घोषित किए जाने के बाद यहाँ सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं में सुधार हुआ है। इस कार्यक्रम से यह क्षेत्र और भी अधिक सुरक्षित और विकासशील बन रहा है।
ग्रामीणों की प्रतिक्रिया
ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना की और कहा कि इस तरह के कार्यक्रम उनके जीवन को सुधारने में सहायक हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य और महिला जागरूकता पर ध्यान देना आवश्यक है।
निष्कर्ष
नक्सल सदस्य मुक्त पंचायत बड़ेसट्टी में आयोजित स्वास्थ्य और महिला जागरूकता शिविर ने यह साबित किया कि सामूहिक प्रयास और प्रशासनिक समर्थन ग्रामीण विकास और स्वास्थ्य सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस पहल से क्षेत्र की महिलाओं और बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है।








