ख्वासफड़की में आयोजित ग्राम सभा में केंद्रीय जनजातीय मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव श्री मनीष ठाकुर शामिल हुए, जहां ग्रामीणों की समस्याओं पर चर्चा और योजनाओं की जानकारी दी गई।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में आदिवासी अंचल के विकास और जनकल्याण के लिए चल रहे “आदि सेवा पखवाड़ा” कार्यक्रमों का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। इसी कड़ी में बस्तर जिले के ख्वासफड़की गाँव में एक विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया गया, जिसमें केंद्रीय जनजातीय मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव श्री मनीष ठाकुर शामिल हुए।
ग्राम सभा का उद्देश्य
ग्राम सभा का मुख्य उद्देश्य था –
- आदिवासी समुदाय की समस्याओं को सीधे समझना।
- सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करना।
- ग्रामीणों से सुझाव लेकर योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाना।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिला स्व-सहायता समूह, पंचायत प्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
मनीष ठाकुर का संबोधन
अतिरिक्त सचिव श्री मनीष ठाकुर ने अपने उद्बोधन में कहा कि आदि सेवा पखवाड़ा केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह आदिवासी समाज तक सरकार की योजनाओं और सेवाओं को सीधे पहुँचाने का सशक्त माध्यम है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार की प्राथमिकता यह है कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, पेयजल, पोषण और बुनियादी सुविधाएँ गांव-गांव तक पहुंचें।
योजनाओं की जानकारी
ग्राम सभा में अधिकारियों ने ग्रामीणों को कई प्रमुख योजनाओं की जानकारी दी –
- प्रधानमंत्री जनजातीय विकास मिशन
- वनाधिकार पट्टा वितरण
- प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण)
- जल जीवन मिशन
- स्वास्थ्य सेवाएं और पोषण अभियान
इसके साथ ही महिला स्व-सहायता समूहों को स्वरोजगार से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
ग्रामीणों की भागीदारी
ग्राम सभा में ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं और सुझाव सीधे अधिकारियों के सामने रखे।
- कई ग्रामीणों ने सड़क, पेयजल और बिजली आपूर्ति की दिक्कतें बताईं।
- महिलाओं ने शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर प्रावधान की मांग की।
- युवाओं ने रोजगार और कौशल विकास केंद्रों की स्थापना पर जोर दिया।
श्री ठाकुर ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं को प्राथमिकता से हल किया जाएगा और सभी योजनाओं का लाभ सीधे पात्रों तक पहुँचाया जाएगा।
महिला स्व-सहायता समूहों का प्रदर्शन
ग्राम सभा में महिला स्व-सहायता समूहों ने अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि सरकारी सहायता और प्रशिक्षण से वे स्वरोजगार के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रही हैं।
श्री ठाकुर ने समूहों की सराहना की और कहा कि महिला शक्ति ही गाँवों के आर्थिक और सामाजिक विकास की असली धुरी है।
सांस्कृतिक कार्यक्रम
ग्राम सभा के अंत में स्थानीय कलाकारों ने आदिवासी नृत्य और गीत प्रस्तुत किए। इन प्रस्तुतियों ने न केवल सांस्कृतिक विविधता को दर्शाया बल्कि समाज में एकता और सहयोग का संदेश भी दिया।
प्रशासनिक पहल और निरीक्षण
इस अवसर पर स्थानीय प्रशासन ने कई विकास कार्यों का निरीक्षण किया। ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ सही ढंग से मिले, इसके लिए टीम बनाई गई।
आदि सेवा पखवाड़ा का महत्व
आदि सेवा पखवाड़ा पूरे देश में आदिवासी समाज के बीच चलाया जा रहा है। इसका मकसद है –
- पारदर्शी शासन
- जन-जागरूकता
- सशक्तिकरण
- ग्रामीण विकास
यह कार्यक्रम आदिवासी अंचलों की पहचान, संस्कृति और आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर बनाया गया है।
निष्कर्ष
ख्वासफड़की में आयोजित ग्राम सभा इस बात का प्रतीक बनी कि सरकार और समाज मिलकर विकास की नई राह पर आगे बढ़ सकते हैं। केंद्रीय जनजातीय मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव श्री मनीष ठाकुर की उपस्थिति ने न केवल ग्रामीणों का उत्साह बढ़ाया बल्कि यह भी सुनिश्चित किया कि उनकी आवाज सीधे दिल्ली तक पहुंचे।






