GMR हैदराबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (GHIAL) ने हैदराबाद के राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (RGIA) पर यात्री शुल्क (UDF) संरचना में महत्वपूर्ण बदलाव का प्रस्ताव प्रस्तुत किया है। इस प्रस्ताव के तहत, 1 सितंबर, 2026 से शुरू होने वाली अगली पांच साल की नियंत्रण अवधि के लिए, हवाई अड्डे से प्रस्थान करने वाले यात्रियों के शुल्क में कमी की जाएगी, लेकिन साथ ही अब हवाई अड्डे पर आने वाले यात्रियों से भी एक अलग शुल्क लिया जाएगा। यह कदम यात्रियों पर कुल बोझ को संतुलित करने, अन्य प्रमुख हवाई अड्डों की शुल्क संरचना के साथ संरेखित होने और हवाई अड्डे के महत्वाकांक्षी विस्तार परियोजना, जिसमें एक नया टर्मिनल और रनवे शामिल है, के लिए ₹13,975 करोड़ के निवेश को वित्तपोषित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
शुल्क संरचना में प्रस्तावित बदलाव
GHIAL ने अपनी वार्षिक टैरिफ प्रस्ताव (ATP) एयरपोर्ट्स इकोनॉमिक रेगुलेटरी अथॉरिटी (AERA) को प्रस्तुत किया है, जिसमें 31 मार्च, 2031 तक संशोधित हवाई अड्डे के शुल्कों के लिए अनुमोदन मांगा गया है। वर्तमान में, 31 मार्च, 2026 तक, घरेलू यात्रियों को केवल प्रस्थान पर ₹750 का UDF देना होता है, जबकि अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों के लिए यह ₹1,500 है।
प्रस्तावित नई संरचना के तहत, 1 सितंबर, 2026 से मार्च 2030 तक, घरेलू यात्रियों को प्रस्थान पर ₹580 और आगमन पर ₹170 का भुगतान करना होगा, जिससे कुल UDF ₹750 पर अपरिवर्तित रहेगा। इसी तरह, अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों के लिए प्रस्थान पर ₹1,150 और आगमन पर ₹350 का शुल्क होगा, जिससे कुल UDF ₹1,500 ही रहेगा। इस बदलाव से प्रस्थान करने वाले यात्रियों के UDF में लगभग 23% की कमी आएगी, जबकि शेष राशि आने वाले यात्रियों से एकत्र की जाएगी।
यह उल्लेखनीय है कि यह पहली बार होगा जब हैदराबाद हवाई अड्डे पर आने वाले यात्रियों से शुल्क लिया जाएगा, जो देश के कई अन्य प्रमुख हवाई अड्डों पर पहले से ही लागू है। हालांकि, प्रस्तावित टैरिफ अवधि के अंतिम वर्ष (अप्रैल 2030-मार्च 2031) में, हवाई अड्डे ने कुल UDF में वास्तविक कमी का प्रस्ताव दिया है: घरेलू यात्रियों के लिए ₹520 (प्रस्थान ₹400 और आगमन ₹120) और अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों के लिए ₹1,140 (प्रस्थान ₹880 और आगमन ₹260)। यह वर्तमान दरों से घरेलू यात्रियों के लिए लगभग 31% और अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों के लिए 24% की समग्र कमी को दर्शाता है।
हवाई अड्डे के विस्तार और निवेश की योजना
इस शुल्क संशोधन का एक प्रमुख कारण हैदराबाद हवाई अड्डे की बढ़ती यातायात मांगों को पूरा करने के लिए एक बड़े विस्तार परियोजना को वित्तपोषित करना है। GHIAL ने अगले तीन से चार वर्षों में लगभग ₹13,975 करोड़ का निवेश करने की योजना बनाई है। इस निवेश का उपयोग एक नए यात्री टर्मिनल और एक नए रनवे के निर्माण के लिए किया जाएगा। यह विस्तार परियोजना चौथी नियंत्रण अवधि के दौरान RGIA, हैदराबाद में बढ़ती यातायात को समायोजित करने के लिए महत्वपूर्ण है। हवाई अड्डे को वित्त वर्ष 2031 तक यात्री यातायात के 51 मिलियन यात्री प्रति वर्ष (MPPA) तक पहुंचने की उम्मीद है। यह विस्तार न केवल यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करेगा बल्कि क्षेत्र की आर्थिक वृद्धि में भी योगदान देगा।
एयरलाइंस के लिए प्रोत्साहन और अन्य शुल्क
यात्री शुल्कों के अलावा, GHIAL ने एयरलाइंस द्वारा देय लैंडिंग, पार्किंग और अन्य वैमानिकी शुल्कों में भी संशोधन का प्रस्ताव दिया है। इस प्रस्ताव में एयरलाइंस को हैदराबाद से नए घरेलू, अंतर्राष्ट्रीय और कार्गो मार्ग शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु प्रोत्साहन योजनाएं भी शामिल हैं। हवाई अड्डे ने अधिक एयरलाइंस को आकर्षित करने के लिए एक वेरिएबल टैरिफ प्लान (VTP) का भी प्रस्ताव किया है, जिसका उद्देश्य कनेक्टिविटी बढ़ाना और हवाई अड्डे को एक प्रमुख विमानन केंद्र के रूप में स्थापित करना है। ये प्रोत्साहन योजनाएं हवाई यातायात को बढ़ावा देने और यात्रियों के लिए अधिक विकल्प उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
प्रस्ताव का औचित्य और आगे की प्रक्रिया
हवाई अड्डे के ऑपरेटर ने अपनी फाइलिंग में कहा है कि शुल्क का यह अलगाव प्रस्थान करने वाले यात्रियों पर बोझ को कम करने के उद्देश्य से है, क्योंकि शेष शुल्क आने वाले यात्रियों से लिया जाएगा। GHIAL का तर्क है कि आगमन यात्रियों से शुल्क लेना प्राधिकरण द्वारा कई प्रमुख हवाई अड्डों के लिए अनुमोदित किया गया है, और वे भी इसी तरह का प्रस्ताव चाहते हैं। यह प्रस्ताव अब AERA के विचाराधीन है, और नियामक प्राधिकरण की मंजूरी के बाद ही ये बदलाव प्रभावी होंगे। इस निर्णय से हैदराबाद हवाई अड्डे की वित्तीय स्थिरता और विकास क्षमता पर गहरा प्रभाव पड़ने की उम्मीद है, साथ ही यह हवाई यात्रा करने वाले लाखों लोगों को भी सीधे प्रभावित करेगा।




