मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बाबा धाम को श्रद्धा और आस्था का प्रमुख केंद्र बताया, पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और धार्मिक पर्यटन के विकास की बात कही।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बाबा धाम को प्रदेश सहित देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास का प्रमुख केंद्र बताते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक स्थल समाज को आध्यात्मिक ऊर्जा देने के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत को भी सशक्त बनाते हैं। उन्होंने यह बात बाबा धाम से जुड़े एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान कही, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु और संत समाज के लोग मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि बाबा धाम सदियों से श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र रहा है और यहां आने वाले भक्तों को आध्यात्मिक शांति का अनुभव होता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के विकास के लिए लगातार प्रयास कर रही है, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिले।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और लोगों के बीच भाईचारे की भावना मजबूत होती है। उनके अनुसार, बाबा धाम जैसे स्थल छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने यह भी कहा कि सरकार द्वारा धार्मिक स्थलों के आसपास बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सड़क, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता और पेयजल जैसी व्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए योजनाएं लागू की जा रही हैं, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने स्थानीय प्रशासन और आयोजन समिति के प्रयासों की सराहना की।
इस अवसर पर साधु-संतों और धर्मगुरुओं ने भी बाबा धाम की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह स्थान लोगों के लिए विश्वास और भक्ति का प्रतीक है। कार्यक्रम में भजन-कीर्तन और धार्मिक प्रवचनों का आयोजन किया गया, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद प्राप्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की संस्कृति और परंपराएं यहां के लोगों को एक-दूसरे से जोड़ती हैं। उन्होंने युवाओं से अपनी सांस्कृतिक जड़ों को समझने और धार्मिक स्थलों के संरक्षण में योगदान देने की अपील की। उनके अनुसार, समाज की भागीदारी से ही धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों को सुरक्षित रखा जा सकता है।
कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की भी मौजूदगी रही। सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए गए थे, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा मेडिकल सुविधा भी उपलब्ध कराई गई थी।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि बाबा धाम न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि यह प्रदेश की पहचान और गौरव से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में यहां श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ेगी और यह स्थल धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा।
बाबा धाम में आयोजित इस कार्यक्रम ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराएं आज भी लोगों के जीवन में महत्वपूर्ण स्थान रखती हैं। श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति और भक्ति से सराबोर माहौल ने आयोजन को यादगार बना दिया।








