शिव आरती, दीपोत्सव और भव्य आतिशबाजी के साथ पाली महोत्सव 2026 का शुभारंभ हुआ, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति ने माहौल को खास बनाया।
रायपुर। छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं को समर्पित पाली महोत्सव 2026 का भव्य शुभारंभ शिव आरती, दीपोत्सव और आकर्षक आतिशबाजी के साथ हुआ। आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ी, जहां भक्ति, संस्कृति और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला। महोत्सव के पहले दिन ही रंगारंग कार्यक्रमों ने लोगों का मन मोह लिया और पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल बन गया।
महोत्सव की शुरुआत भगवान शिव की विशेष आरती के साथ हुई, जिसमें साधु-संतों और श्रद्धालुओं ने भाग लिया। मंदिर परिसर में दीपों की रोशनी से सजावट की गई थी, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक और मनमोहक नजर आया। शिव आरती के दौरान भजन-कीर्तन और मंत्रोच्चार से माहौल भक्तिमय हो गया, वहीं श्रद्धालुओं ने प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।
दीपोत्सव इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहा। हजारों दीपों से सजे परिसर ने दर्शकों को आकर्षित किया और शाम होते ही पूरा क्षेत्र रोशनी से जगमगा उठा। स्थानीय कलाकारों और स्वयंसेवकों ने दीप प्रज्वलित कर सांस्कृतिक एकता का संदेश दिया। आयोजकों के अनुसार, दीपोत्सव का उद्देश्य प्रदेश की परंपराओं को बढ़ावा देना और लोगों को सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है।
शुभारंभ समारोह में आयोजित भव्य आतिशबाजी ने लोगों का खास ध्यान खींचा। रंग-बिरंगी रोशनी और आकर्षक डिजाइनों से सजी आतिशबाजी ने आसमान को रोशन कर दिया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। बच्चों और युवाओं में इस दृश्य को लेकर खास उत्साह देखा गया।
पाली महोत्सव के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी शुरुआत हुई। मंच पर छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य, लोकगीत और पारंपरिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कलाकारों ने प्रदेश की समृद्ध लोकसंस्कृति को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया, जिससे आयोजन का महत्व और बढ़ गया। विभिन्न जिलों से आए कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन कर लोगों का दिल जीत लिया।
आयोजन समिति के अनुसार, महोत्सव का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करना और स्थानीय कलाकारों को मंच प्रदान करना है। इस अवसर पर कई सामाजिक और सांस्कृतिक संगठनों ने भी अपनी भागीदारी दर्ज कराई। स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात और स्वच्छता को लेकर विशेष इंतजाम किए, ताकि आगंतुकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
महोत्सव स्थल पर खान-पान और हस्तशिल्प के स्टॉल भी लगाए गए हैं, जहां स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे क्षेत्रीय व्यापारियों और छोटे उद्यमियों को भी लाभ मिल रहा है। आयोजकों का कहना है कि आने वाले दिनों में कई धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें प्रदेशभर से कलाकार और श्रद्धालु शामिल होंगे।
पाली महोत्सव 2026 के शुभारंभ ने एक बार फिर यह साबित किया है कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपराएं आज भी लोगों के जीवन का अहम हिस्सा हैं। शिव आरती, दीपोत्सव और आतिशबाजी के साथ शुरू हुआ यह आयोजन आने वाले दिनों में और भी भव्य कार्यक्रमों का साक्षी बनेगा।








