रायपुर। छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले में डिजिटल जनगणना कार्य को गति देने के लिए कलेक्टर ने स्वयं प्रगणक की भूमिका निभाते हुए जनगणना प्रक्रिया में हिस्सा लिया। प्रशासन की इस पहल को डिजिटल व्यवस्था और पारदर्शी आंकड़ा संग्रहण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, डिजिटल जनगणना के तहत आधुनिक तकनीक और मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से नागरिकों से संबंधित आंकड़े एकत्र किए जा रहे हैं। इस प्रक्रिया में घर-घर जाकर परिवारों की सामाजिक, आर्थिक और अन्य आवश्यक जानकारी डिजिटल माध्यम से दर्ज की जा रही है।
बलौदा बाजार कलेक्टर ने स्वयं प्रगणक बनकर डिजिटल जनगणना प्रक्रिया का निरीक्षण किया और अधिकारियों-कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सही और सटीक आंकड़े किसी भी विकास योजना की सफलता के लिए बेहद जरूरी होते हैं। इसलिए जनगणना कार्य पूरी गंभीरता और पारदर्शिता के साथ किया जाना चाहिए।
कलेक्टर ने कहा कि डिजिटल जनगणना से डेटा संग्रहण की प्रक्रिया अधिक तेज, सुरक्षित और व्यवस्थित होगी। इससे भविष्य में सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों के लिए बेहतर योजना निर्माण में मदद मिलेगी। उन्होंने अधिकारियों को समयसीमा के भीतर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
अधिकारियों ने बताया कि डिजिटल प्रणाली अपनाने से कागजी कार्यवाही कम होगी और आंकड़ों की त्रुटियों में भी कमी आएगी। मोबाइल और टैब आधारित प्रणाली के माध्यम से जानकारी सीधे ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज की जा रही है।
कलेक्टर ने जनगणना कार्य में लगे कर्मचारियों से कहा कि वे नागरिकों से विनम्र व्यवहार करें और सही जानकारी एकत्र करने में सावधानी बरतें। उन्होंने लोगों से भी सहयोग करने की अपील की ताकि जनगणना कार्य सुचारू रूप से पूरा किया जा सके।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना की। लोगों का कहना है कि डिजिटल व्यवस्था से कार्य में पारदर्शिता और तेजी आएगी। साथ ही भविष्य में सरकारी योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल जनगणना आधुनिक प्रशासनिक व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इससे आंकड़ों के विश्लेषण और योजना निर्माण में आसानी होगी। साथ ही डेटा सुरक्षित और अधिक विश्वसनीय तरीके से संग्रहित किया जा सकेगा।
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि जिले में डिजिटल जनगणना कार्य को लेकर कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है। तकनीकी सहायता और निगरानी के माध्यम से प्रक्रिया को प्रभावी बनाया जा रहा है।
बलौदा बाजार में कलेक्टर द्वारा स्वयं प्रगणक बनकर डिजिटल जनगणना कार्य में भाग लेना प्रशासनिक सक्रियता और जनसहभागिता का सकारात्मक उदाहरण माना जा रहा है।








