रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत जशपुर जिले में सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया, जहां 65 जोड़े वैवाहिक बंधन में बंधे। पारंपरिक रीति-रिवाजों और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुए इस समारोह में नवविवाहित जोड़ों और उनके परिजनों में उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला।
जानकारी के अनुसार, सामूहिक विवाह कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। विवाह समारोह को सामाजिक समरसता और जनकल्याण का प्रतीक बताते हुए लोगों ने राज्य सरकार की इस पहल की सराहना की।
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को विवाह संबंधी खर्चों से राहत प्रदान करना है। योजना के तहत पात्र जोड़ों को आर्थिक सहायता और आवश्यक घरेलू सामग्री उपलब्ध कराई जाती है, जिससे गरीब परिवारों को सहायता मिलती है।
कार्यक्रम के दौरान विवाह स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। सभी जोड़ों के लिए भोजन, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई थी। वैदिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह संपन्न होने के बाद नवदंपतियों को आशीर्वाद और उपहार भी प्रदान किए गए।
नवविवाहित जोड़ों और उनके परिजनों ने सरकार की इस योजना के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण विवाह आयोजन करना मुश्किल था, लेकिन सामूहिक विवाह कार्यक्रम से उन्हें बड़ी राहत मिली।
अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना समाज में दहेज जैसी कुरीतियों को कम करने और सामूहिक विवाह को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इससे जरूरतमंद परिवारों को सम्मानपूर्वक विवाह संपन्न कराने का अवसर मिल रहा है।
कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने नवदंपतियों को सुखद वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सरकार गरीब और जरूरतमंद परिवारों के कल्याण के लिए लगातार कार्य कर रही है और यह योजना सामाजिक सहयोग और समानता का संदेश देती है।
महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में योजना के प्रति लोगों का रुझान बढ़ रहा है। अधिक से अधिक पात्र परिवारों तक योजना का लाभ पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने सामूहिक विवाह समारोह की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में भाईचारे और सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं। साथ ही फिजूलखर्ची कम करने और सामाजिक एकता बढ़ाने में भी मदद करते हैं।
जशपुर जिले में आयोजित यह सामूहिक विवाह समारोह सामाजिक समरसता और जनकल्याण की दिशा में सकारात्मक पहल माना जा रहा है।








