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छत्तीसगढ़

बिलासपुर रेल हादसे का असर: कई ट्रेनें प्रभावित, 12 घंटे देरी से पहुंची आजाद हिंद एक्सप्रेस, यात्रियों को भारी परेशानी

बिलासपुर रेल हादसे के बाद कई ट्रेनें प्रभावित हुईं। आजाद हिंद एक्सप्रेस 12 घंटे देरी से पहुंची। यात्रियों को स्टेशन पर घंटों इंतजार और परेशानी झेलनी पड़ी।

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर रेल मंडल में हुई रेल दुर्घटना के बाद से रेल सेवाएँ बुरी तरह प्रभावित हो गई हैं। रविवार रात को हुई इस हादसे के चलते कई प्रमुख ट्रेनों का संचालन बाधित हो गया है। कुछ ट्रेनों को मार्ग परिवर्तित कर चलाया जा रहा है, जबकि कई ट्रेनें घंटों की देरी से अपने गंतव्य पर पहुँच रही हैं। सबसे अधिक असर आजाद हिंद एक्सप्रेस पर पड़ा, जो लगभग 12 घंटे देरी से अपने गंतव्य स्टेशन पहुँची। यात्रियों को स्टेशन पर घंटों इंतज़ार करना पड़ा, जिससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।


हादसा कैसे हुआ

सूत्रों के अनुसार, बिलासपुर रेलमंडल के कोटा और बिल्हा स्टेशन के बीच रविवार देर रात मालगाड़ी की दो बोगियों के पटरी से उतर जाने से रेल यातायात ठप हो गया। रेल प्रशासन ने तुरंत बचाव दल को घटनास्थल पर भेजा और प्रभावित ट्रैक पर मरम्मत कार्य शुरू किया।
रेल अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन ट्रैक क्षतिग्रस्त होने से डाउन लाइन पर ट्रेनों की आवाजाही पूरी तरह बाधित रही।


कई ट्रेनों पर पड़ा असर

इस हादसे के कारण बिलासपुर से गुजरने वाली आजाद हिंद एक्सप्रेस, गीता जयन्ती एक्सप्रेस, अमरकंटक एक्सप्रेस, और छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस जैसी कई प्रमुख ट्रेनों पर असर पड़ा।

  • आजाद हिंद एक्सप्रेस लगभग 12 घंटे की देरी से बिलासपुर पहुँची।
  • गीता जयन्ती एक्सप्रेस और अमरकंटक एक्सप्रेस को आंशिक रूप से रद्द कर दिया गया।
  • कुछ ट्रेनों का मार्ग अनूपपुर-झांसी रेलखंड की ओर डायवर्ट किया गया।

रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए राहत कैंप और सूचना केंद्र स्थापित किए हैं, जहाँ लगातार यात्रियों को ट्रेनों की स्थिति की जानकारी दी जा रही है।

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यात्रियों को हुई भारी परेशानी

ट्रेनों में फंसे यात्रियों ने बताया कि स्टेशन पर घंटों इंतजार करने के बावजूद उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही थी। बिलासपुर स्टेशन पर हजारों यात्री परेशान नजर आए।
रायपुर से कोलकाता जा रही यात्री शोभा मिश्रा ने बताया, “हम लोग रात 10 बजे से स्टेशन पर बैठे हैं। बच्चे भी साथ हैं, लेकिन ट्रेन का कोई निश्चित समय नहीं बताया जा रहा।”

दूसरी ओर, रेलवे अधिकारियों का कहना है कि सभी यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ट्रैक की मरम्मत कार्य पूरा होने तक ट्रेनों को रोका गया है।


मरम्मत कार्य जारी, प्रशासन अलर्ट

रेल प्रशासन ने तुरंत ही सुरक्षा एवं तकनीकी टीमों को घटनास्थल पर भेजा। इंजीनियरों ने क्षतिग्रस्त ट्रैक की मरम्मत शुरू कर दी, जो सोमवार सुबह तक जारी रही।
बिलासपुर के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) ने बताया कि —

“दुर्घटना स्थल पर पूरी रात काम चलता रहा। सोमवार सुबह तक अपलाइन चालू कर दी गई है, जबकि डाउनलाइन पर अभी काम जारी है। सभी प्रयास यात्रियों को जल्द से जल्द राहत देने के लिए किए जा रहे हैं।”

रेल विभाग ने कहा कि ट्रेनों की देरी से यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद है, और भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए ट्रैक निरीक्षण को और सख्त किया जाएगा।


स्टेशनों पर अफरातफरी, सूचना तंत्र पर सवाल

हादसे के बाद सबसे बड़ी समस्या यात्रियों को सूचना के अभाव में हुई। स्टेशन पर लगे इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले और अनाउंसमेंट सिस्टम में बार-बार देरी का संदेश आता रहा, लेकिन सटीक जानकारी नहीं मिल पा रही थी।
इससे यात्रियों में नाराज़गी देखने को मिली। कई यात्रियों ने सोशल मीडिया पर रेलवे प्रशासन की आलोचना की।
रेल विभाग ने कहा कि ऐसी घटनाओं से सबक लेते हुए “Passenger Information System” को और बेहतर बनाया जाएगा।


रेल प्रशासन की अपील

रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति रेलवे के NTES ऐप या IRCTC वेबसाइट पर देख लें।
रेल प्रशासन ने यह भी कहा कि जिन यात्रियों की ट्रेनें रद्द हुई हैं, उन्हें पूर्ण रिफंड दिया जाएगा।


स्थानीय प्रशासन की भूमिका

बिलासपुर जिला प्रशासन ने भी राहत और सहायता कार्य में सहयोग किया। स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने स्टेशन परिसर में व्यवस्था बनाए रखी।
यात्रियों को पानी, चाय और खाने की व्यवस्था कराई गई। वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और रेलवे अधिकारियों से लगातार समन्वय बनाए रखा।


रेल हादसे की जांच के आदेश

पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक ने इस पूरे हादसे की जांच के आदेश दिए हैं। प्रारंभिक जांच में यह संभावना जताई गई है कि ट्रैक पर तकनीकी खराबी या ओवरलोडिंग के कारण दुर्घटना हुई।
रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CRS) की टीम अब घटनास्थल का निरीक्षण करेगी और रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।


सामान्य स्थिति बहाल होने में लगेगा समय

रेलवे सूत्रों ने बताया कि ट्रैक मरम्मत और निरीक्षण कार्य पूरा होने के बाद ही पूरी तरह सामान्य संचालन शुरू हो सकेगा।
फिलहाल अपलाइन चालू कर दी गई है, लेकिन डाउनलाइन पर ट्रेनों को नियंत्रित गति से चलाया जा रहा है।
अनुमान है कि मंगलवार तक रेल यातायात सामान्य हो जाएगा।


जनता में आक्रोश, यात्रियों ने जताई नाराजगी

यात्रियों ने रेलवे की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि हर बार किसी हादसे या तकनीकी खराबी के बाद रेलवे की लापरवाही उजागर होती है।
स्थानीय समाजसेवी संगठनों ने रेलवे से आग्रह किया है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थायी समाधान निकाला जाए।


समापन

बिलासपुर रेल हादसा भले ही जनहानि रहित रहा हो, लेकिन इससे हजारों यात्रियों की यात्रा योजनाएँ बाधित हुईं।
रेल प्रशासन के लिए यह चेतावनी है कि ट्रैक निरीक्षण और रखरखाव में और अधिक सतर्कता बरती जाए।
फिलहाल रेलवे की प्राथमिकता ट्रैक की मरम्मत, यात्रियों को राहत और ट्रेनों के संचालन को जल्द सामान्य बनाना है।



Heshma lahre
लेखक: Heshma lahre

Heshma lahre is a dedicated journalist at Dabang Awaz, known for her comprehensive coverage across all news categories, delivering accurate and timely reports with integrity.