मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में धान खरीदी पर बड़ा फैसला लिया गया। किसानों की सुविधा, भुगतान और खरीदी केंद्रों को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय हुए।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी को लेकर लंबे समय से चल रही चर्चा पर आज बड़ा निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित राज्य कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी, जिनमें धान खरीदी से जुड़ा अहम फैसला किसानों के लिए राहत लेकर आया है।
रायपुर मंत्रालय में आयोजित इस विस्तृत बैठक में कृषि, खाद्य, सहकारिता, वित्त और ग्रामीण विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों, धान परिवहन व्यवस्था, मिलिंग क्षमता और भुगतान प्रणाली को और प्रभावी बनाने पर गहन चर्चा की गई।
धान खरीदी को लेकर बड़ा फैसला—किसानों को मिलेगी समयबद्ध व्यवस्था
कैबिनेट के मुताबिक, इस वर्ष धान खरीदी प्रक्रिया को समयबद्ध और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया जाएगा। सरकार ने स्पष्ठ किया कि किसानों को समर्थन मूल्य और बोनस से संबंधित राशि समय पर उनके खातों में ट्रांसफर की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, नया निर्णय यह सुनिश्चित करेगा कि ग्रामीण क्षेत्रों में धान संग्रहण केंद्रों की संख्या बढ़े, खरीद प्रक्रिया में कतारें न बनें और किसी किसान को अनावश्यक प्रतीक्षा न करनी पड़े।
खरीद केंद्रों की संख्या बढ़ाने का निर्णय
बढ़ती उपज और किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए, कैबिनेट ने राज्यभर में नए खरीदी केंद्र खोलने का निर्णय लिया है। जिन क्षेत्रों में पिछले साल भीड़ और अव्यवस्था की शिकायतें मिली थीं, वहां अतिरिक्त केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
इसके अलावा, केंद्रों पर तौल उपकरणों, गोदामों और परिवहन साधनों को भी सुदृढ़ करने की योजना है।
भुगतान प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होगी
बैठक में यह भी तय किया गया कि धान खरीदी और भुगतान प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाया जाए। इससे किसी भी तरह की अनियमितता और देरी पर लगाम लगेगी।
किसानों को पंजीकरण, खरीदी स्लिप, तौल और भुगतान से संबंधित सभी अपडेट मोबाइल मैसेज और पोर्टल के माध्यम से मिलेंगे।
धान परिवहन और मिलिंग व्यवस्था को गति मिलेगी
पिछले वर्षों की तुलना में इस बार धान के परिवहन और मिलिंग व्यवस्था को और मजबूत करने पर जोर दिया गया है।
मिलरों को निर्धारित समय सीमा के भीतर धान उठाव और चावल जमा करने के लिए बाध्य किया जाएगा। सरकार ने यह संकेत दिया कि लापरवाही या देरी पर सख्त कार्रवाई भी हो सकती है।
किसानों की समस्याओं पर समीक्षा
कैबिनेट बैठक में विभिन्न किसान संगठनों से मिली प्रतिक्रिया पर भी चर्चा की गई।
इनमें प्रमुख मुद्दे थे—
- खरीदी केंद्रों में भीड़
- तौल मशीनों की कमी
- स्लाट समय में देरी
- परिवहन में समस्या
- भुगतान में देर
सरकार ने भरोसा दिया कि इस वर्ष किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ हल किया जाएगा और खरीदी सीजन को तनावमुक्त बनाने की पूरी तैयारी की जा रही है।
धान की गुणवत्ता जांच व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर
कैबिनेट बैठक में धान की गुणवत्ता जांच को और सुव्यवस्थित करने पर भी चर्चा हुई।
सरकार ने निर्देश दिए हैं कि धान की क्वालिटी जांच वैज्ञानिक और एकरूप तरीके से की जाए ताकि किसानों को बिना वजह कटौती का सामना न करना पड़े।
इसके लिए अधिकारियों को उपकरण और प्रशिक्षण दोनों उपलब्ध कराए जाएंगे।
धान खरीदी में पारदर्शिता—नई निगरानी प्रणाली लागू
राज्य सरकार खरीदी प्रक्रिया की निगरानी के लिए जिला और ब्लॉक स्तर पर विशेष टीमें गठित करेगी।
इसके अलावा, ड्रोन मैपिंग, CCTV मॉनिटरिंग और GPS आधारित धान परिवहन सिस्टम को भी लागू करने की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।
अन्य महत्वपूर्ण कैबिनेट निर्णय
धान खरीदी के अलावा कैबिनेट बैठक में कुछ अन्य अहम बिंदुओं पर भी सहमति बनी—
- ग्रामीण सड़कों के उन्नयन की नई योजना
- जल संसाधन परियोजनाओं का विस्तार
- युवाओं के लिए नई कौशल विकास पहल
- जनजातीय क्षेत्रों के लिए विशेष विकास पैकेज
- स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों और स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया तेज करना
सरकार ने यह संकेत दिया है कि आने वाले महीनों में इन निर्णयों को लागू करते हुए छत्तीसगढ़ की आधारभूत संरचना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत दिशा दी जाएगी।
किसानों ने फैसले का स्वागत किया
कई किसान संगठनों ने कैबिनेट के धान खरीदी संबंधी फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि सरकार ने समय पर निर्णय लेकर किसानों की वास्तविक समस्याओं को समझा है।
किसानों ने उम्मीद जताई है कि यदि इन फैसलों को पूरी तरह लागू किया गया, तो खरीदी सीजन बिना परेशानी के संपन्न होगा और उन्हें उचित मूल्य समय पर मिल सकेगा।
सार संकेत (बिना निष्कर्ष शब्द के):
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई इस कैबिनेट बैठक से यह संकेत मिला है कि राज्य सरकार धान खरीदी प्रक्रिया को सुचारू, पारदर्शी और किसान-हितैषी बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है।








