मुख्यमंत्री ने दिव्यांग रग्बी खिलाड़ी की आर्थिक सहायता करने का निर्णय लिया। प्रशिक्षण व उपकरण हेतु मदद से खिलाड़ी में नई ऊर्जा, खेल जगत में बढ़ा उत्साह।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के एक दिव्यांग रग्बी खिलाड़ी की संघर्ष और खेल प्रतिभा की कहानी सरकार तक पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने स्वयं आगे बढ़कर उसकी सहायता करने का निर्णय लिया है। खिलाड़ी की आर्थिक स्थिति सीमित होने के बावजूद वह राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन कर चुका है और आगे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करने का संकल्प लिए हुए है। मुख्यमंत्री द्वारा की गई इस पहल ने न केवल खिलाड़ी को राहत दी है, बल्कि पूरे खेल जगत में एक सकारात्मक संदेश दिया है कि प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने में राज्य सरकार लगातार प्रतिबद्ध है।
दिव्यांग खिलाड़ी पिछले कुछ समय से प्रशिक्षण, उपकरण और यात्रा खर्चों के कारण आर्थिक संकट का सामना कर रहा था। रग्बी व्हीलचेयर, सुरक्षा उपकरण और प्रशिक्षण सामग्री की लागत वहन करने में असमर्थ होने के कारण उसका खेल कैरियर प्रभावित होने लगा था। इस जानकारी के मुख्यमंत्री तक पहुंचते ही उन्होंने तुरंत संबंधित विभागों को खिलाड़ी की आवश्यकताओं का आकलन करने और उचित सहायता प्रदान करने निर्देशित किए।
मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि खेल केवल शारीरिक क्षमता का प्रयास नहीं है, बल्कि यह आत्मविश्वास, इच्छा शक्ति और परिश्रम का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि दिव्यांग खिलाड़ियों की प्रेरक कहानियां समाज को नई दिशा देती हैं और सरकार का कर्तव्य है कि उनकी सहायता कर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करे।
प्रशासनिक अधिकारियों ने खिलाड़ी से मुलाकात कर उसकी जरूरतों की सूची तैयार की है। इसमें नई रग्बी व्हीलचेयर, सुरक्षा किट, खेल पोषण, प्रशिक्षण सुविधा, यात्रा सहायता और आगामी प्रतियोगिताओं के लिए आर्थिक सहयोग शामिल है। जल्द ही उसकी सभी आवश्यकताओं को पूरा किया जाएगा।
खिलाड़ी ने मुख्यमंत्री के सहयोग पर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह मदद उसके लिए नए जीवन जैसा है और अब वह और अधिक मेहनत कर देश-प्रदेश का नाम रोशन करेगा। उसके कोच ने बताया कि वह बेहद प्रतिभाशाली खिलाड़ी है, लेकिन आर्थिक कठिनाइयों के चलते उसका प्रशिक्षण बाधित हो रहा था। अब सरकारी सहयोग मिलने के बाद उसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने में आसानी होगी।
रग्बी फेडरेशन और दिव्यांग खेल संगठन ने भी मुख्यमंत्री की पहल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह कदम अन्य दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा खिलाड़ियों के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं—प्रतिभा प्रोत्साहन, प्रशिक्षण अनुदान, खेल सामग्री सहायता और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए आर्थिक सहयोग—का लाभ अब अधिक खिलाड़ी उठा सकेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि राज्य में दिव्यांग खेलों के प्रति बढ़ता समर्थन भविष्य में और भी बड़े स्तर पर परिणाम देगा। यह पहल केवल एक खिलाड़ी की सहायता नहीं, बल्कि समाज में समावेशी खेल संस्कृति की नई शुरुआत है।
यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि संघर्ष के बीच प्रतिभा कभी नहीं रुकती, और जब उसके साथ सरकार का सहयोग जुड़ता है, तो रास्ते और भी आसान हो जाते हैं। मुख्यमंत्री की इस संवेदनशील पहल ने प्रदेश के दिव्यांग खिलाड़ियों में नया आत्मविश्वास जगाया है।








