जनदर्शन में भिलाई के कलाकार अंकुश देवांगन ने मुख्यमंत्री को संगमरमर पर बनी प्रधानमंत्री मोदी की सूक्ष्म प्रतिमा भेंट की। मुख्यमंत्री ने प्रतिभा की सराहना की।
रायपुर। मुख्यमंत्री के जनदर्शन कार्यक्रम में गुरुवार को एक अनोखा और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला, जब भिलाई निवासी युवा कलाकार अंकुश देवांगन ने स्वयं द्वारा तैयार की गई संगमरमर पर उकेरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सूक्ष्म प्रतिमा मुख्यमंत्री को भेंट की। यह प्रतिमा अपनी नाजुक कारीगरी, सूक्ष्म डिज़ाइन और कलात्मक सौंदर्य के कारण कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण बन गई।
अंकुश की यह कलाकृति न केवल हस्तकला की उत्कृष्ट तकनीक को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि छत्तीसगढ़ के युवा कला और नवाचार के क्षेत्र में किस स्तर की प्रतिभा रखते हैं। मुख्यमंत्री ने प्रतिमा स्वीकार करते हुए युवा कलाकार की सराहना की और कहा कि छत्तीसगढ़ की नई पीढ़ी अपने कौशल और सृजनशीलता से प्रदेश का गौरव बढ़ा रही है।
🎨 सूक्ष्म कारीगरी की मिसाल — एक इंच में समाई कला की दुनिया
अंकुश देवांगन ने जो प्रतिमा बनाई है, वह संगमरमर के एक छोटे से टुकड़े पर उकेरी गई है। प्रतिमा की ऊंचाई मात्र कुछ सेंटीमीटर है, लेकिन इसमें—
- चेहरे की आकृति,
- हेयरलाइन,
- भाव-भंगिमा,
- वस्त्रों की रेखाएं,
- और सूक्ष्म शिल्पकारी
इतनी बारीकी से प्रदर्शित की गई है कि इसे देखकर कोई भी कलाकार चकित हो जाए।
उन्होंने बताया कि प्रतिमा तैयार करने में उन्हें कई सप्ताह का समय लगा। संगमरमर जैसे कठोर पत्थर पर इस तरह की सूक्ष्म नक्काशी करने में धैर्य, सूक्ष्म दृष्टि और विशेष औजारों की जरूरत पड़ती है।
🙏 मुख्यमंत्री ने की प्रशंसा, कहा—“प्रदेश को ऐसे युवाओं पर गर्व”
मुख्यमंत्री ने प्रतिमा देखते ही कलाकार की प्रतिभा की सराहना की। उन्होंने कहा—
“छत्तीसगढ़ कला, संस्कृति और सृजन का प्रदेश है। अंकुश जैसे युवा अपनी कला से प्रदेश की पहचान को और रोशन कर रहे हैं।”
मुख्यमंत्री ने कलाकार को अपनी कला को आगे बढ़ाने, राष्ट्रीय प्रदर्शनी में भाग लेने और इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए भी प्रोत्साहित किया।
उन्होंने अधिकारियों को ऐसे नवोदित कलाकारों को प्रोत्साहन देने और उनकी कला को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने के लिए योजनाओं पर विचार करने निर्देश दिए।
🌟 जनदर्शन में लोगों ने भी सराहा प्रतिभा
जनदर्शन में शामिल नागरिक भी इस अनोखी कृति को देखकर उत्साहित थे।
लोगों ने अंकुश से प्रतिमा बनाने की प्रक्रिया, समय और तकनीक के बारे में पूछा।
अंकुश ने बताया कि उन्हें बचपन से ही प्रतिमाएं और सूक्ष्म कला बनाने का शौक है।
वह स्थानीय स्तर पर कई प्रदर्शनियों में अपना काम दिखा चुके हैं।
कई लोगों ने सुझाव दिया कि उन्हें अपने कार्य को सोशल मीडिया पर प्रदर्शित करना चाहिए, जिससे उनकी कला राष्ट्रीय स्तर पर और पहचान पा सके।
🧑🎨 भिलाई के युवा कलाकार का बढ़ता सफर
अंकुश देवांगन अब तक—
- लकड़ी,
- संगमरमर,
- साबुन पत्थर,
- और मृत्तिका
जैसे विभिन्न माध्यमों पर 50 से अधिक सूक्ष्म प्रतिमाएं बना चुके हैं।
उनका उद्देश्य है कि छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कला को आधुनिक शैली में दुनिया तक पहुंचाया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिमा बनाना उनके लिए सम्मान और प्रेरणा दोनों है।
उन्होंने प्रतिमा मुख्यमंत्री को सौंपकर यह संदेश दिया कि कला केवल सौंदर्य नहीं, बल्कि समर्पण और संस्कारों की अभिव्यक्ति भी है।
🌐 कला और संस्कृति के क्षेत्र में नई पहचान
विशेषज्ञों का कहना है कि राज्य के युवा कलाकारों को प्रोत्साहित कर छत्तीसगढ़—
- हस्तकला
- शिल्प
- सूक्ष्म मूर्तिकला
- और रचनात्मक उद्योग
में अग्रणी राज्य बन सकता है।
सरकार के नए सांस्कृतिक दृष्टिकोण से स्थानीय कलाकारों को बाजार, प्रशिक्षण और मंच मिलने की संभावनाएँ बढ़ी हैं।
अंकुश की कलाकृति इस बात का उदाहरण है कि यदि प्रतिभा को प्रोत्साहन मिले तो युवा वैश्विक स्तर पर भी अपनी पहचान बना सकते हैं।
🌟 निष्कर्ष : कला, सम्मान और प्रेरणा का सुंदर संगम
जनदर्शन कार्यक्रम में संगमरमर पर बनी यह सूक्ष्म प्रतिमा केवल एक कलाकृति नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की युवा प्रतिभा, मेहनत और नवाचार की प्रतीक है।
मुख्यमंत्री की प्रशंसा और प्रोत्साहन से अंकुश जैसे अनगिनत युवा कलाकारों को नए अवसर मिलेंगे और कला-संस्कृति के क्षेत्र में राज्य की पहचान और मजबूत होगी।








