LIVE बुधवार, 13 मई 2026
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छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्वयं बाइक चलाकर युवाओं को दिया सुरक्षित ड्राइविंग का संदेश

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बाइक चलाकर युवाओं को सड़क सुरक्षा का संदेश दिया, “सेफ ड्राइव, सेव लाइफ” अभियान की शुरुआत की, युवाओं में बढ़ा जागरूकता उत्साह।

रायपुर। राजधानी रायपुर में शनिवार को एक अनोखा नजारा देखने को मिला जब मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्वयं बाइक चलाकर सड़क सुरक्षा अभियान की शुरुआत की।
मुख्यमंत्री ने हेलमेट पहनकर युवाओं के साथ बाइक रैली में हिस्सा लिया और “सेफ ड्राइव, सेव लाइफ” (Safe Drive, Save Life) का संदेश दिया।
उनका यह कदम युवाओं में सुरक्षित ड्राइविंग और ट्रैफिक नियमों के पालन के प्रति जागरूकता फैलाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।


🏍️ मुख्यमंत्री की पहल — “सुरक्षा ही शैली है”

कार्यक्रम का आयोजन परिवहन विभाग और युवा कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया गया था।
मुख्यमंत्री साय ने सुबह विधानसभा मार्ग से मरीन ड्राइव रायपुर तक बाइक रैली निकाली।
रैली में शामिल सैकड़ों युवाओं ने हेलमेट पहनकर और ट्रैफिक नियमों का पालन करते हुए हिस्सा लिया।

साय ने इस अवसर पर कहा —

“जीवन अनमोल है। थोड़ी सी लापरवाही किसी के सपनों को अधूरा कर सकती है।
इसलिए सुरक्षित चलना ही सच्ची स्मार्टनेस है।”

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उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे तेज गति, मोबाइल उपयोग और बिना हेलमेट ड्राइविंग से बचें
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सड़क सुरक्षा को जनआंदोलन बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है।


🚦 सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान की शुरुआत

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने “सुरक्षित छत्तीसगढ़ – जिम्मेदार नागरिक” अभियान का शुभारंभ किया।
अभियान का उद्देश्य राज्यभर में युवाओं, छात्रों और मोटर चालकों को ट्रैफिक नियमों की जानकारी और सुरक्षा के प्रति संवेदनशील बनाना है।

मुख्यमंत्री ने कहा —

“हम सड़कों का विस्तार कर रहे हैं, लेकिन उससे ज्यादा जरूरी है सड़क सुरक्षा का संस्कार।
सरकार स्कूलों और कॉलेजों में ‘सुरक्षित ड्राइविंग शिक्षा’ कार्यक्रम शुरू करेगी।”

कार्यक्रम में परिवहन मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, गृह मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब, और कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।


🪖 मुख्यमंत्री ने खुद निभाई “रोल मॉडल” की भूमिका

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने खुद बाइक की सवारी करते हुए युवाओं को संदेश दिया कि “लीडर वही, जो उदाहरण बने।”
उनकी इस पहल को देखकर युवाओं ने जोश और अनुशासन के साथ रैली में भाग लिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि —

“युवा वर्ग देश का भविष्य है। अगर वे ट्रैफिक नियमों का पालन करेंगे तो दुर्घटनाओं में भारी कमी आएगी।”

उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार आने वाले समय में प्रत्येक जिले में ‘युवा सड़क सुरक्षा क्लब’ बनाएगी, जो स्थानीय स्तर पर जनजागरूकता कार्यक्रम चलाएंगे।


📱 सड़क सुरक्षा में तकनीक का उपयोग

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम और कैमरा सर्विलांस को बढ़ाया जा रहा है।
रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और कोरबा जैसे शहरों में एआई आधारित ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम से नियम तोड़ने वालों पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा —

“हम तकनीक के साथ अनुशासन को जोड़कर सड़क सुरक्षा का नया मॉडल बना रहे हैं।”

साथ ही, सरकार ‘नो हेलमेट, नो फ्यूल’ नीति पर भी विचार कर रही है ताकि नागरिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।


👨‍🎓 युवाओं में दिखा जोश और जिम्मेदारी

रैली में कॉलेज छात्रों, बाइक क्लबों और एनएसएस वॉलंटियर्स ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
सभी प्रतिभागियों ने “सुरक्षित चलाओ – सुरक्षित रहो” और “जीवन से बड़ा कोई रेस नहीं” जैसे स्लोगन लगाए।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा —

“हमें ऐसा छत्तीसगढ़ बनाना है जहाँ सड़कों पर गति नहीं, सुरक्षा संस्कृति हो।
युवाओं की ऊर्जा अगर अनुशासन से जुड़ेगी तो राज्य का हर मार्ग जीवनदायी बनेगा।”


🛣️ राज्य में सड़क सुरक्षा के लिए नई नीतियाँ

सरकार द्वारा सड़क सुरक्षा के लिए कई नई योजनाएँ लागू की जा रही हैं —

  1. राज्य सड़क सुरक्षा प्राधिकरण (SRSA) को अधिक अधिकार दिए गए हैं।
  2. ब्लैक स्पॉट सुधार परियोजना के तहत दुर्घटनाग्रस्त स्थलों पर संरचनात्मक सुधार किए जा रहे हैं।
  3. हेलमेट और सीट बेल्ट अभियान के तहत जिलों में विशेष निरीक्षण दल बनाए गए हैं।
  4. सड़क सुरक्षा शिक्षा को हाई स्कूल और कॉलेज पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा।
  5. ट्रैफिक पुलिस को आधुनिक उपकरणों और बॉडी कैमरा से लैस किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन प्रयासों से अगले पांच वर्षों में सड़क दुर्घटनाओं में 30% कमी लाने का लक्ष्य रखा गया है।


💬 जनता और प्रशासन की संयुक्त जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री साय ने जनता से अपील की कि सड़क सुरक्षा को केवल सरकार की नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी समझा जाए।
उन्होंने कहा —

“हमें ट्रैफिक नियमों को डर से नहीं, जिम्मेदारी से पालन करना चाहिए।
सड़क सुरक्षा परिवार, समाज और राष्ट्र की सुरक्षा है।”

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने युवाओं को “सुरक्षित ड्राइविंग प्रतिज्ञा पत्र” भरवाया, जिसमें उन्होंने नियमों के पालन और अन्य लोगों को प्रेरित करने का संकल्प लिया।


🎯 निष्कर्ष

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की यह पहल युवा ऊर्जा को जिम्मेदारी और सुरक्षा के साथ जोड़ने की दिशा में ऐतिहासिक कदम मानी जा रही है।
उनकी बाइक रैली ने यह संदेश दिया कि सुरक्षित ड्राइविंग कोई विकल्प नहीं, बल्कि जीवन की आवश्यकता है।

राज्य में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं के बीच यह अभियान न केवल जागरूकता का प्रतीक है, बल्कि एक संवेदनशील शासन और जिम्मेदार नेतृत्व का उदाहरण भी है।



Heshma lahre
लेखक: Heshma lahre

Heshma lahre is a dedicated journalist at Dabang Awaz, known for her comprehensive coverage across all news categories, delivering accurate and timely reports with integrity.