मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजिम में भगवान राजीव लोचन और कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर में पूजा की, महानदी महाआरती में शामिल होकर छत्तीसगढ़ की समृद्धि की कामना की।
राजिम। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राजिम पहुंचकर भगवान राजीव लोचन मंदिर और कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने महानदी तट पर आयोजित भव्य महाआरती में भी भाग लिया और प्रदेश की खुशहाली, समृद्धि एवं शांति के लिए प्रार्थना की। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
राजिम संगम क्षेत्र में आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों के बीच मुख्यमंत्री ने सबसे पहले भगवान राजीव लोचन मंदिर में दर्शन कर प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद उन्होंने कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर में जलाभिषेक और पूजा-अर्चना की। मंदिर परिसर में मौजूद साधु-संतों और श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। धार्मिक विधि-विधान के अनुसार पूजा संपन्न होने के बाद उन्होंने संतों से आशीर्वाद भी लिया।
महानदी तट पर आयोजित महाआरती कार्यक्रम इस पूरे आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहा। शाम होते ही संगम तट दीपों की रोशनी और भक्ति गीतों से गूंज उठा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आरती में शामिल होकर प्रदेश के विकास और जनता के कल्याण की कामना की। बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने भी महाआरती में भाग लेकर आध्यात्मिक माहौल का अनुभव किया।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि राजिम का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व सदियों पुराना है और यह स्थल छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक पहचान को मजबूत करता है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है, जिससे प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान मिल सके। उन्होंने स्थानीय प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया। स्थानीय कलाकारों ने छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य और भजन-कीर्तन के माध्यम से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। संगम तट पर बने विशेष मंच से धार्मिक प्रवचन भी हुए, जिनमें समाज में सद्भाव और एकता बनाए रखने का संदेश दिया गया।
मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए थे। स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा मेडिकल कैंप लगाए गए थे, वहीं श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, स्वच्छता और पार्किंग की भी विशेष व्यवस्था की गई थी। स्थानीय व्यापारियों ने बताया कि इस तरह के धार्मिक आयोजनों से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलता है और पर्यटन गतिविधियों में तेजी आती है।
राजिम क्षेत्र में स्थित भगवान राजीव लोचन मंदिर और कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर छत्तीसगढ़ के प्रमुख धार्मिक स्थलों में गिने जाते हैं। हर वर्ष यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी और लोगों ने पूजा-अर्चना के साथ प्रदेश की उन्नति की कामना की।
धार्मिक कार्यक्रम के समापन पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों के लिए सुख-समृद्धि की कामना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपरा ही इसकी सबसे बड़ी पहचान है। उन्होंने विश्वास जताया कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और लोगों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ते हैं।
महानदी महाआरती और मंदिरों में हुई पूजा-अर्चना के साथ यह आयोजन श्रद्धा और भक्ति के माहौल में संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री के इस दौरे ने न केवल धार्मिक आस्था को मजबूती दी, बल्कि राजिम को एक बार फिर प्रदेश के प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र के रूप में चर्चा में ला दिया।








