नगरीय निकायों में ऐतिहासिक जनादेश के एक वर्ष पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुशासन, पारदर्शिता और विकास को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए जनता का आभार जताया।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों में ऐतिहासिक जनादेश के एक वर्ष पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इसे जनता के विश्वास और सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता ने विकास, पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता देते हुए जो जनादेश दिया था, सरकार ने उसी के अनुरूप कार्य करते हुए नगरीय क्षेत्रों में नई योजनाओं और सुधारों को आगे बढ़ाया है।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि पिछले एक वर्ष में शहरी निकायों के माध्यम से बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने और नागरिक सेवाओं को सरल बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने बताया कि नगरीय प्रशासन में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल सिस्टम को बढ़ावा दिया गया है, जिससे आम नागरिकों को योजनाओं और सेवाओं का लाभ आसानी से मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में सड़कों के उन्नयन, जल आपूर्ति व्यवस्था में सुधार, स्ट्रीट लाइटिंग और स्वच्छता अभियान जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी गई है। कई नगर निगमों और नगर पालिकाओं में नई परियोजनाओं की शुरुआत हुई, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं। मुख्यमंत्री ने इसे प्रदेश के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने यह भी कहा कि नगरीय निकायों को मजबूत बनाने के लिए वित्तीय प्रबंधन और प्रशासनिक सुधारों पर लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से अपेक्षा जताई कि वे जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें और योजनाओं को समय पर पूरा करें। उनके अनुसार, जनता का भरोसा बनाए रखना सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
इस अवसर पर उन्होंने नगर निकायों में जनभागीदारी को भी अहम बताया। उन्होंने कहा कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से ही शहरों का विकास संभव है। स्वच्छता अभियान, हरित परियोजनाएं और नागरिक सुविधाओं के विस्तार में स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ी है, जिससे शहरों की छवि में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार शहरी क्षेत्रों में स्मार्ट समाधान लागू करने की दिशा में भी काम कर रही है। डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन शिकायत निवारण और पारदर्शी टेंडर प्रक्रिया जैसी पहलें प्रशासनिक व्यवस्था को आधुनिक बना रही हैं। इससे भ्रष्टाचार पर नियंत्रण और कार्यों की गति में सुधार हुआ है।
उन्होंने आगे कहा कि आने वाले समय में नगरीय निकायों को और अधिक सशक्त बनाने के लिए नई योजनाएं तैयार की जा रही हैं। शहरी गरीबों के लिए आवास, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि जनता का सहयोग और जनप्रतिनिधियों की सक्रियता प्रदेश के शहरों को विकास की नई दिशा देगी।
राज्य सरकार के अनुसार, बीते एक वर्ष में कई नगर निकायों ने राजस्व संग्रह और विकास कार्यों में उल्लेखनीय प्रगति की है। स्वच्छता रैंकिंग में सुधार, हरित क्षेत्र बढ़ाने की पहल और सार्वजनिक सुविधाओं के विस्तार जैसे प्रयासों से शहरी जीवन स्तर में सुधार हुआ है। मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी और आगे भी इसी गति से काम करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल बुनियादी ढांचे का निर्माण नहीं, बल्कि नागरिकों के जीवन को आसान बनाना है। पारदर्शी शासन व्यवस्था और जवाबदेही के साथ प्रदेश के शहरों को आधुनिक और सुविधाजनक बनाने की दिशा में लगातार प्रयास जारी रहेंगे। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद नगरीय विकास को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है।
नगरीय निकायों में एक वर्ष के कार्यकाल को सरकार उपलब्धि के रूप में देख रही है, वहीं विपक्ष भी विभिन्न मुद्दों को लेकर सवाल उठा रहा है। इसके बावजूद मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि जनता का समर्थन और विकास के प्रति प्रतिबद्धता प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।








