मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उद्योग स्थापना प्रक्रिया को आसान बनाते हुए ऑनलाइन सिंगल क्लिक समाधान की सुविधा शुरू की। इससे निवेशकों को पारदर्शिता, समय और लागत की बचत होगी।
रायपुर । छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने और निवेश को आकर्षित करने के लिए एक बड़ी पहल की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में अब उद्योग स्थापना की प्रक्रिया को इतना आसान बना दिया गया है कि इच्छुक उद्यमियों को केवल एक क्लिक में पूरी जानकारी और समाधान मिल सकेगा।
उद्योग जगत के लिए नई राह
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ को औद्योगिक विकास का हब बनाया जाए। इसके लिए पारदर्शिता, गति और सरलता को प्राथमिकता दी गई है। नई व्यवस्था में किसी भी उद्योगपति को लाइसेंस, अनुमति, अनापत्ति प्रमाणपत्र और पंजीयन जैसी प्रक्रियाओं के लिए विभागों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी।
डिजिटल प्लेटफॉर्म से आसान समाधान
सरकार ने एक समर्पित डिजिटल पोर्टल विकसित किया है, जहाँ निवेशक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस पोर्टल पर उद्योग से संबंधित सभी प्रकार की जानकारियाँ उपलब्ध हैं। निवेशक रीयल-टाइम स्टेटस ट्रैक कर सकेंगे और निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा होगा।
समय और लागत की बचत
इस नई व्यवस्था से निवेशकों का न केवल समय बचेगा, बल्कि अतिरिक्त लागत से भी राहत मिलेगी। अब उद्योग लगाने के इच्छुक लोगों को फाइलें बनाने और विभागीय दौरे करने की परेशानी से निजात मिलेगी।
छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाएँ
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है। यहाँ खनिज, कृषि और वन आधारित उद्योगों के लिए अपार संभावनाएँ हैं। नई नीति के तहत सरकार उद्यमियों को हर संभव सहायता देगी।
‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ पर फोकस
इस पहल से राज्य में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ की रैंकिंग और बेहतर होने की संभावना है। सरकार का प्रयास है कि निवेशक बिना किसी बाधा के कारोबार शुरू कर सकें।
युवाओं के लिए रोजगार
उद्योग स्थापना प्रक्रिया आसान होने से राज्य में अधिक से अधिक निवेश आएगा और इससे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का युवा अब केवल नौकरी खोजने वाला नहीं रहेगा, बल्कि उद्योग और स्टार्टअप खड़ा करने वाला भी बनेगा।
उद्योगपतियों की प्रतिक्रिया
कई उद्योगपतियों और व्यापारिक संगठनों ने सरकार की इस पहल का स्वागत किया है। उनका मानना है कि इससे राज्य की औद्योगिक छवि को नई पहचान मिलेगी और स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियाँ तेज होंगी।
भविष्य की रणनीति
मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट किया कि यह केवल शुरुआत है। आने वाले समय में और भी नीतिगत सुधार किए जाएंगे ताकि छत्तीसगढ़ निवेश और उद्योगों के लिए देश का सबसे पसंदीदा राज्य बन सके।








