PM मोदी ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’ अभियान और 8वें राष्ट्रीय पोषण माह का शुभारंभ करेंगे। छत्तीसगढ़ में 7,500 स्वास्थ्य शिविरों के जरिए पोषण संदेश पहुंचेगा।
रायपुर । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार” अभियान और आठवें राष्ट्रीय पोषण माह का शुभारंभ करने जा रहे हैं। इस अवसर पर पूरे देशभर में विशेष कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिनका मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य को मजबूत करना है। प्रधानमंत्री के इस अभियान की खास झलक छत्तीसगढ़ में भी देखने को मिलेगी, जहाँ 7,500 से अधिक स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे।
अभियान का मुख्य उद्देश्य
“स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार” अभियान का फोकस महिलाओं और किशोरियों के स्वास्थ्य, पोषण और जागरूकता पर होगा। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि महिलाएँ स्वस्थ होंगी तो पूरा परिवार और समाज मजबूत बनेगा। अभियान का उद्देश्य एनीमिया जैसी समस्याओं से निपटना, पोषण संबंधी जागरूकता बढ़ाना और ग्रामीण अंचलों तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाना है।
राष्ट्रीय पोषण माह का महत्व
सितंबर माह को राष्ट्रीय पोषण माह के रूप में मनाने की परंपरा पिछले सात वर्षों से चली आ रही है। इस वर्ष यह आठवाँ पोषण माह होगा। इस दौरान विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों और पंचायत स्तर पर पोषण पर आधारित कार्यक्रम होंगे। बच्चों को संतुलित आहार का महत्व समझाया जाएगा और माताओं को स्वास्थ्यवर्धक खान-पान की जानकारी दी जाएगी।
छत्तीसगढ़ में विशेष तैयारी
प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री के इस अभियान से राज्य को विशेष ऊर्जा मिलेगी। उन्होंने बताया कि प्रदेशभर में 7,500 से अधिक स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे, जहाँ महिलाओं और बच्चों की स्वास्थ्य जांच, पोषण स्तर की जाँच और परामर्श की व्यवस्था होगी।
साय ने कहा कि यह कार्यक्रम “गांव-गांव और घर-घर” तक पहुंचेगा। सरकार का प्रयास है कि पोषण और स्वास्थ्य का संदेश हर परिवार तक पहुँचे और प्रदेश कुपोषण मुक्त बने।
आंगनबाड़ी और पंचायतों की भूमिका
पोषण माह के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों की भूमिका अहम रहेगी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और बच्चों की जानकारी जुटाएँगी। उन्हें पोषणयुक्त भोजन की आदत डालने के लिए प्रेरित करेंगी। पंचायत प्रतिनिधि भी इस अभियान को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग देंगे।
विशेषज्ञों की राय
चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि महिलाओं और बच्चों में पोषण संबंधी कमी देश की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में एनीमिया और कुपोषण गंभीर समस्या बनी हुई है। प्रधानमंत्री का यह अभियान इन समस्याओं के समाधान की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा।
महिलाओं के लिए सशक्तिकरण का संदेश
प्रधानमंत्री का मानना है कि यदि नारी स्वस्थ होगी तो समाज और राष्ट्र स्वतः सशक्त हो जाएगा। यही कारण है कि अभियान का नाम “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार” रखा गया है। यह केवल स्वास्थ्य का नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण का भी प्रतीक है।
भविष्य की दृष्टि
सरकार का लक्ष्य है कि इस अभियान के माध्यम से देश में पोषण संबंधी समस्याओं को बड़े स्तर पर कम किया जाए। बच्चों की वृद्धि और विकास पर सकारात्मक असर पड़े और आने वाली पीढ़ियाँ अधिक सक्षम और स्वस्थ हों।








