सीएम साय ने सचिवों से कार्यों की प्रगति का फीडबैक लिया और मंत्रालय में बायोमैट्रिक्स अटेंडेंस लागू करने के निर्देश दिए, प्रशासनिक सुधार के लिए।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री साय ने मंगलवार को एक लंबी और विस्तारपूर्ण बैठक ली, जिसमें सभी विभागीय सचिवों और मुख्य अधिकारियों को बुलाकर उनके विभागों में चल रहे कार्यों की प्रगति का फीडबैक लिया गया। बैठक का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि सभी योजनाएं और परियोजनाएं समयबद्ध तरीके से पूरी हों और जनता तक लाभ प्रभावी रूप से पहुंचे।
बैठक में हुई कार्य समीक्षा
सीएम साय ने प्रत्येक विभाग के प्रमुख से उनके विभागों की गतिविधियों और योजनाओं की वर्तमान स्थिति पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि किन परियोजनाओं में समयसीमा का पालन हो रहा है और किन में देरी हो रही है। इसके साथ ही उन्होंने उन कारणों की जानकारी भी ली, जिनकी वजह से कुछ कार्यों में बाधाएं आ रही हैं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि परियोजनाओं की नियमित निगरानी और समय पर रिपोर्टिंग अनिवार्य हो। उन्होंने कहा कि सरकार के विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए सभी विभागों को पूरी जिम्मेदारी के साथ काम करना होगा।
बायोमैट्रिक्स अटेंडेंस लागू करने के निर्देश
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने मंत्रालय में सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए बायोमैट्रिक्स अटेंडेंस सिस्टम लागू करने का निर्देश दिया। उनका कहना था कि इससे कर्मचारियों की उपस्थिति और समय का बेहतर रिकॉर्ड रखा जा सकेगा, और यह प्रशासनिक पारदर्शिता को बढ़ाने में सहायक होगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि बायोमैट्रिक्स अटेंडेंस सिर्फ औपचारिकता नहीं होगी, बल्कि इससे कर्मचारियों की कार्य प्रतिबद्धता और समय पालन सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालयों में punctuality और जिम्मेदारी बढ़ाना सभी विभागों की प्राथमिकता होनी चाहिए।
अधिकारियों और सचिवों के फीडबैक
बैठक में अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट पेश की और चर्चा की कि किन परियोजनाओं में सकारात्मक प्रगति हो रही है और किन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है।
- विकास विभाग: मुख्यमंत्री ने विकास परियोजनाओं में गुणवत्ता और समयसीमा पर जोर दिया।
- स्वास्थ्य विभाग: स्वास्थ्य सुविधाओं और अस्पतालों में सुधार की दिशा में उठाए गए कदमों की समीक्षा की गई।
- शिक्षा विभाग: स्कूल और कॉलेजों में बुनियादी सुविधाओं और ऑनलाइन शैक्षणिक कार्यक्रमों की समीक्षा की गई।
- कृषि विभाग: किसानों की मदद के लिए चल रही योजनाओं की प्रगति और फसल बीमा, सिंचाई योजनाओं की स्थिति पर चर्चा हुई।
सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर विभाग अपने लक्ष्यों की स्पष्ट रूपरेखा तैयार करे और मासिक रिपोर्ट में उसे अपडेट करे।
प्रशासनिक सुधार और पारदर्शिता
मुख्यमंत्री ने बैठक में बार-बार प्रशासनिक सुधार और पारदर्शिता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जनता की अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए सरकारी कार्यों में तेजी लाना जरूरी है। बायोमैट्रिक्स अटेंडेंस लागू करने का यह कदम कर्मचारियों की जिम्मेदारी और कार्यनिष्ठा को बढ़ाने के लिए उठाया गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि तकनीक का उपयोग करके सरकारी विभागों में कार्यकुशलता और निगरानी को बेहतर बनाया जा सकता है। इससे योजनाओं की प्रभावशीलता और सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री की मंशा और भविष्य की रणनीति
मुख्यमंत्री साय की मंशा यह है कि सभी विभाग समयबद्ध तरीके से कार्य करें और किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही को पूरी तरह रोका जा सके। उन्होंने अधिकारियों को कहा कि जनता की उम्मीदों के अनुरूप तेजी और प्रभावी कार्य सुनिश्चित करना हर सरकारी कर्मचारी की जिम्मेदारी है।
सीएम ने भविष्य की रणनीति के तहत यह भी कहा कि प्रत्येक विभाग को डिजिटल रिपोर्टिंग सिस्टम अपनाना चाहिए। इससे कार्यों की निगरानी और मूल्यांकन आसान होगा।
अधिकारियों की प्रतिबद्धता
बैठक के अंत में सभी विभागीय सचिवों और अधिकारियों ने मुख्यमंत्री से अपनी प्रतिबद्धता जताई कि वे दिए गए निर्देशों और योजनाओं को पूरी निष्ठा और ईमानदारी से लागू करेंगे। उन्होंने कहा कि बायोमैट्रिक्स अटेंडेंस सिस्टम से कर्मचारियों में जिम्मेदारी और punctuality बढ़ेगी, और यह जनता के विश्वास को मजबूत करेगा।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री साय की यह मैराथन बैठक छत्तीसगढ़ सरकार की सक्रियता और विकास को लेकर उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। बायोमैट्रिक्स अटेंडेंस लागू करने के निर्देश और नियमित कार्य समीक्षा से प्रशासनिक सुधार और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। यह कदम राज्य में सरकारी कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा।






