रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अखबार में प्रकाशित पेयजल समस्या से जुड़ी खबर पर त्वरित संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को तत्काल समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री की इस संवेदनशील पहल के बाद संबंधित विभाग हरकत में आ गया और प्रभावित क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था सुधारने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार, हाल ही में एक समाचार पत्र में ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल संकट को लेकर खबर प्रकाशित हुई थी। खबर में बताया गया था कि गांव के लोगों को लंबे समय से साफ पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। पानी की कमी के कारण महिलाओं और बच्चों को दूर-दूर तक पानी लाने के लिए जाना पड़ रहा था। इसके अलावा गर्मी के मौसम में स्थिति और गंभीर हो गई थी।
अखबार में खबर प्रकाशित होने के बाद मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मामले को गंभीरता से लिया और संबंधित अधिकारियों से पूरी जानकारी मांगी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्र में तत्काल राहत पहुंचाई जाए और पेयजल समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग और जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने गांव का निरीक्षण कर पेयजल व्यवस्था की स्थिति का जायजा लिया। प्राथमिक स्तर पर टैंकरों के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई, वहीं खराब हैंडपंपों की मरम्मत और नई जल आपूर्ति व्यवस्था तैयार करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई।
स्थानीय ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री की त्वरित कार्रवाई पर संतोष जताया है। लोगों का कहना है कि लंबे समय से वे इस समस्या से जूझ रहे थे, लेकिन अब प्रशासन की सक्रियता से राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि सरकार द्वारा समय पर कदम उठाए जाने से उन्हें बड़ी परेशानी से राहत मिलेगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया है कि प्रदेश में कहीं भी पेयजल संकट की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए नियमित मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में पेयजल उपलब्धता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।
राज्य सरकार की ओर से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति को मजबूत करने के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। जल जीवन मिशन सहित विभिन्न परियोजनाओं के जरिए घर-घर स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही खराब जल स्रोतों की मरम्मत और नई पाइपलाइन विस्तार के कार्य भी तेजी से किए जा रहे हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद सभी जिलों में पेयजल व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। जहां भी समस्या की सूचना मिल रही है, वहां तत्काल कार्रवाई की जा रही है।
मुख्यमंत्री की त्वरित संवेदनशीलता और प्रशासनिक सक्रियता को लेकर लोगों में सकारात्मक संदेश गया है। इससे यह स्पष्ट हुआ है कि सरकार जनता से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से काम कर रही है और समस्याओं के समाधान के लिए तत्पर है।








